एक साइक्लोट्रॉन का उपयोग प्रोटॉन $\left({ }_{1}^{1} H\right)$,ड्यूटेरॉन $\left({ }_{1}^{2} H\right)$,और $\alpha$-कणों $\left({ }_{2}^{4} He\right)$ को त्वरित करने के लिए किया जाता है। समान परिस्थितियों में बाहर निकलते समय,न्यूनतम गतिज ऊर्जा $(KE)$ किसके द्वारा प्राप्त की जाती है?

  • A
    $\alpha$-कण
  • B
    प्रोटॉन
  • C
    ड्यूटेरॉन
  • D
    सभी के लिए समान

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साइक्लोट्रॉन में आवेशित कण द्वारा प्राप्त अधिकतम गतिज ऊर्जा किससे स्वतंत्र है?

कथन: साइक्लोट्रॉन इलेक्ट्रॉनों को त्वरित नहीं करता है।
कारण: इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान बहुत कम होता है।

यदि $q$ विद्युत आवेश है,$B$ चुंबकीय क्षेत्र है,$R$ डी (dee) की त्रिज्या है और $m$ आयनों का द्रव्यमान है,तो साइक्लोट्रॉन में आयनों की गतिज ऊर्जा क्या होगी?

एक साइक्लोट्रॉन की ऑसिलेटर आवृत्ति $n$ है और डीज़ (dees) की त्रिज्या $r$ है। $q$ आवेश वाले प्रोटॉन को त्वरित करने के लिए आवश्यक चुंबकीय क्षेत्र $(B)$ और त्वरक द्वारा उत्पन्न प्रोटॉन की गतिज ऊर्जा क्रमशः क्या होगी? ($m$ और $v$ प्रोटॉन का द्रव्यमान और वेग हैं।)

आरेख के साथ साइक्लोट्रॉन की संरचना की व्याख्या कीजिए।

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