एक धात्विक ठोस फ्रेंकेल दोष प्रदर्शित करता है। इसका मूल द्रव्यमान,आयतन और घनत्व क्रमशः $M_0$,$V_0$ और $D_0$ हैं। फ्रेंकेल दोष के बाद द्रव्यमान,आयतन और घनत्व क्रमशः $M$,$V$ और $D$ हैं। फ्रेंकेल दोष के बाद $M$,$V$ और $D$ में परिवर्तन क्या है?

  • A
    $M=M_0, V=V_0, D=D_0$
  • B
    $M < M_0, V < V_0, D < D_0$
  • C
    $M > M_0, V=V_0, D > D_0$
  • D
    $M=M_0, V < V_0, D > D_0$

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एक ठोस जालक में,धनायन ने एक जालक स्थल छोड़ दिया है और एक अंतराकाशी स्थिति में स्थित है। यह जालक दोष है:

$Schottky$ दोष वाले आयनिक ठोस अपनी संरचना में क्या रख सकते हैं?

ठोसों में दोषों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है:
$(1)$ फ्रेंकेल दोष धनायन और ऋणायन के आकार में छोटे अंतर से अनुकूल होता है।
$(2)$ फ्रेंकेल दोष एक धातु आधिक्य दोष है।
$(3)$ जालक में इलेक्ट्रॉन का फंसना $F$-केंद्रों के निर्माण की ओर ले जाता है।
$(4)$ शॉटकी दोष का ठोसों के भौतिक गुणों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

निम्नलिखित में से कौन सा गैर-स्टोइकोमेट्रिक (non-stoichiometric) है?

$F$-केंद्र के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?

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