कथन $S$: कठोर कोशिका भित्ति की उपस्थिति और आनुवंशिक पदार्थ के रूप में न्यूक्लियोप्रोटीन।
कथन $R$: उदाहरणों में $Euglena$,$Dinoflagellates$,$Amoeba$ और $Paramecium$ शामिल हैं।

  • A
    कथन $S$ सही है और कथन $R$ गलत है।
  • B
    कथन $S$ गलत है और कथन $R$ सही है।
  • C
    कथन $S$ और $R$ दोनों सही हैं,और $R$,$S$ की सही व्याख्या है।
  • D
    कथन $S$ और $R$ दोनों सही हैं,लेकिन $R$,$S$ की सही व्याख्या नहीं है।

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कथन $(A)$: तन्य (Ductile) धातुओं का उपयोग पतले तार बनाने के लिए किया जाता है।
कारण $(R)$: तन्य धातुओं के प्रतिबल-विकृति (stress-strain) वक्र में, प्रत्यास्थ सीमा और भंजन बिंदु के बीच की लंबाई बहुत छोटी होती है।

यदि किसी वस्तु पर आवेश को $2 \ C$ से बढ़ा दिया जाए,तो उसमें संचित ऊर्जा $21 \%$ बढ़ जाती है। वस्तु पर मूल आवेश कूलम्ब में कितना है?

$X = \dot{C}H_3$ और $Y = \dot{C}F_3$ के लिए निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
$(I)$ जब $X$ द्वितयीकरण (dimerises) करता है,तो बंध कोण कम हो जाता है।
$(II)$ जब $X$ द्वितयीकरण करता है,तो बंध कोण बढ़ जाता है।
$(III)$ $X-Y$ अणु में $C-C$ बंध लंबाई $Y-Y$ अणु की तुलना में कम होती है।
$(IV)$ $X$ में बंध कोण $Y$ की तुलना में अधिक होता है।

दो दृढ़ पिण्ड $A$ तथा $B$ क्रमशः $E_A$ एवं $E_B$ घूर्णन गतिज ऊर्जाओं के साथ घूर्णन करते हैं। घूर्णन अक्ष के परितः $A$ व $B$ के जड़त्व आघूर्ण क्रमशः $I_A$ एवं $I_B$ हैं। यदि $I_A = \frac{I_B}{4}$ तथा $E_A = 100E_B$ हो,तो $A$ के कोणीय संवेग $(L_A)$ एवं $B$ के कोणीय संवेग $(L_B)$ का अनुपात है:

$39 \text{ g}$ तरल बेंजीन के पूर्ण दहन के लिए कितने लीटर ऑक्सीजन ($STP$ पर) की आवश्यकता होती है? (परमाणु भार: $C=12, O=16, H=1$)

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