अप्रभावी लक्षण वह है जो -

  • A
    केवल विषमयुग्मजी अवस्था में ही अभिव्यक्त होता है।
  • B
    केवल समयुग्मजी अवस्था में ही अभिव्यक्त होता है।
  • C
    विषमयुग्मजी अवस्था में मिश्रित हो जाता है।
  • D
    हमेशा अशुद्ध होता है।

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मेंडल के पृथक्करण के नियम (Law of Segregation) के अनुसार,$F_2$ पीढ़ी का लक्षणप्ररूपी अनुपात (phenotypic ratio) ................. होगा।

मेंडल के प्रभाविता के नियम के आधार पर निम्नलिखित में से किसे समझाया जा सकता है?
$A$. कारकों के एक जोड़े में से एक प्रभावी और दूसरा अप्रभावी होता है।
$B$. एलील्स कोई अभिव्यक्ति नहीं दिखाते हैं और $F_2$ पीढ़ी में दोनों लक्षण मूल रूप में दिखाई देते हैं।
$C$. सामान्य द्विगुणित (diploid) पौधों में कारक जोड़े में होते हैं।
$D$. किसी विशेष लक्षण को नियंत्रित करने वाली असतत इकाई को कारक कहा जाता है।
$E$. एकसंकर संकरण में पैतृक लक्षणों में से केवल एक की अभिव्यक्ति पाई जाती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

वह सिद्धांत जिसके अनुसार एलील (alleles) एक साथ रहने के बावजूद कोई मिश्रण नहीं दिखाते हैं, उसे . . . . . . कहा जाता है।

मेंडल के वंशागति के नियम अभी भी मान्य माने जाते हैं क्योंकि:

मेंडल ने कुछ नियम प्रतिपादित किए जिन्हें किस रूप में जाना जाता है?

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