एक ही पादप के एक पुष्प के परागकोष से परागकणों का उसी पादप के दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरण क्या कहलाता है?

  • A
    पर-परागण (Xenogamy)
  • B
    स्वयुग्मन (Autogamy)
  • C
    सजातपुष्पी परागण (Geitonogamy)
  • D
    पर-निषेचन (Allogamy)

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जब परागकोश और वर्तिकाग्र एक ही समय पर परिपक्व होते हैं,तो इसे.....कहा जाता है।

कथन-$I$ :- जंतु रंग या/और सुगंध द्वारा फूलों की ओर आकर्षित होते हैं।
कथन-$II$ :- जंतुओं के आगमन को बनाए रखने के लिए,फूलों को जंतुओं को पुरस्कार (rewards) प्रदान करने होते हैं।

परागण के संबंध में सही कथन चुनिए:
$(I)$ अधिकांश पुष्पी पादप परागण कारकों के रूप में विभिन्न प्रकार के जंतुओं का उपयोग करते हैं।
$(II)$ जंतुओं में, कीट, विशेष रूप से मधुमक्खियाँ, प्रमुख जैविक परागण कारक हैं।
$(III)$ अधिकांश कीट-परागित पुष्प बड़े, रंगीन, सुगंधित और मकरंद से भरपूर होते हैं।
$(IV)$ जंतु के शरीर पर पराग कणों की एक परत जम जाती है, जो जंतु-परागित पुष्पों में सामान्यतः चिपचिपे होते हैं।

किस पौधे में परागण शलभ (moth) द्वारा होता है?

परागण तब होता है जब एक परागकण

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