$300 \ nm$ तरंगदैर्ध्य और $1.0 \ W/m^2$ तीव्रता वाला पराबैंगनी प्रकाश एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ की सतह पर आपतित होता है। यदि आपतित फोटॉनों में से $1\%$ फोटॉन फोटो-इलेक्ट्रॉन उत्पन्न करते हैं,तो सतह के $1.0 \ cm^2$ क्षेत्रफल से उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की संख्या ज्ञात कीजिए।

  • A
    $9.61 \times 10^{14} \ s^{-1}$
  • B
    $4.12 \times 10^{13} \ s^{-1}$
  • C
    $1.51 \times 10^{12} \ s^{-1}$
  • D
    $2.13 \times 10^{11} \ s^{-1}$

Explore More

Similar Questions

सीज़ियम की देहली आवृत्ति (threshold frequency) $5.16 \times 10^{14} \ Hz$ है। तो इसका कार्य फलन (work function) . . . . . . $eV$ है।

सिल्वर की फोटोइलेक्ट्रिक थ्रेशोल्ड तरंगदैर्ध्य $3250 \times 10^{-10} \, m$ है। $2536 \times 10^{-10} \, m$ तरंगदैर्ध्य के पराबैंगनी प्रकाश द्वारा सिल्वर की सतह से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन का वेग क्या होगा? (दिया गया है: $h = 4.14 \times 10^{-15} \, eV \cdot s$ और $c = 3 \times 10^8 \, m/s$)

एक प्रकाश-विद्युत प्रयोग में $310 \,nm$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश का उपयोग किया जाता है। प्रयोग में $2.5 \,eV$ कार्य फलन वाली धातु इलेक्ट्रोड का उपयोग किया जाता है। फोटोइलेक्ट्रॉन के लिए निरोधी विभव (stopping potential) क्या होगा ($V$ में)? (मान लीजिए $hc = 1240 \,eV-nm$)

दो अलग-अलग आवृत्तियों का प्रकाश,जिनके फोटॉन की ऊर्जा क्रमशः $3.8 \, eV$ और $1.4 \, eV$ है,एक धात्विक सतह पर क्रमिक रूप से आपतित होता है जिसका कार्य फलन (work function) $0.6 \, eV$ है। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम चाल का अनुपात क्या होगा?

फोटो-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा केवल किस पर निर्भर करती है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo