कथन: यदि एक दिक्सूचक सुई को पृथ्वी के चुंबकीय उत्तरी ध्रुव पर रखा जाए,तो दिक्सूचक सुई किसी भी दिशा में रह सकती है।
कारण: नमन सुई (dip needle) पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव पर ऊर्ध्वाधर रहेगी।

  • A
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण,कथन की सही व्याख्या है।
  • B
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण,कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C
    यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
  • D
    यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

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पृथ्वी पर एक निश्चित स्थान पर नमन कोण (angle of dip) $60^{\circ}$ है और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के क्षैतिज घटक का परिमाण $0.26 \, G$ है। पृथ्वी पर उस स्थान पर चुंबकीय क्षेत्र.....$G$ है।

पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र की प्रारंभिक मान्यता क्या थी? डायनेमो प्रभाव को स्पष्ट कीजिए।

यदि $\theta_1$ और $\theta_2$ एक-दूसरे के लंबवत दो ऊर्ध्वाधर तलों में देखे गए आभासी नति कोण (angle of dip) हैं,तो वास्तविक नति कोण $\theta$ किसके द्वारा दिया जाता है?

कथन : उच्च अक्षांशों पर,कोई भी उच्च ऊंचाई से नीचे लटकते प्रकाश के रंगीन पर्दे देख सकता है।
कारण : सूर्य से आने वाले उच्च ऊर्जा वाले आवेशित कण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र द्वारा ध्रुवीय क्षेत्रों की ओर विक्षेपित हो जाते हैं।

यदि ${\phi_1}$ और ${\phi_2}$ एक-दूसरे के लंबवत दो ऊर्ध्वाधर तलों में देखे गए नमन कोण (angle of dip) हैं और ${\phi}$ वास्तविक नमन कोण है,तो:

Difficult
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