कथन: धनात्मक किरणों का विशिष्ट आवेश स्थिर नहीं होता है।
कारण: आयनों का द्रव्यमान गति के साथ बदलता है।

  • A
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण,कथन की सही व्याख्या है।
  • B
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण,कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C
    यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
  • D
    यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

Explore More

Similar Questions

$P$ शक्ति का एक प्रकाश स्रोत जो $\lambda$ तरंगदैर्ध्य का एकवर्णी प्रकाश उत्सर्जित करता है,उसे $\phi$ कार्य फलन और $A$ सतह क्षेत्रफल वाली प्रकाश-संवेदी सतह से $r$ दूरी पर रखा जाता है,तो निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प गलत है?

हाइड्रोजन परमाणु के $3 \rightarrow 2$ संक्रमण के अनुरूप विकिरण एक सोने की सतह पर गिरकर फोटोइलेक्ट्रॉन उत्पन्न करता है। इन इलेक्ट्रॉनों को $5 \times 10^{-4} \, T$ के चुंबकीय क्षेत्र से गुजारा जाता है। मान लीजिए कि इन इलेक्ट्रॉनों द्वारा अनुसरण किए गए सबसे बड़े वृत्ताकार पथ की त्रिज्या $7 \, mm$ है,तो धातु का कार्य फलन $..... \, eV$ है। (इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान $= 9.1 \times 10^{-31} \, kg$)

विकिरण की द्वैत प्रकृति किसके द्वारा प्रदर्शित की जाती है?

एक फोटोसेल का एनोड वोल्टेज स्थिर रखा जाता है। कैथोड पर गिरने वाले प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $\lambda$ को धीरे-धीरे बदला जाता है। फोटोसेल का प्लेट करंट $I$ इस प्रकार बदलता है:

कथन $(A)$: प्रकाशवैद्युत प्रभाव प्रकाश की तरंग प्रकृति को प्रदर्शित करता है।
कारण $(R)$: प्रकाशवैद्युत इलेक्ट्रॉनों की संख्या प्रकाश की आवृत्ति के सीधे आनुपातिक होती है।

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo