दिए गए कथनों के लिए सही विकल्प चुनें:
कथन-$I$: प्रकाश-संवेदी सतह से उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा आपतित विकिरण की तीव्रता पर निर्भर करती है।
कथन-$II$: प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन प्रक्रिया में,आपतित प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने से प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है।

  • A
    कथन $I$ सही है,कथन $II$ गलत है।
  • B
    कथन $II$ सही है,कथन $I$ गलत है।
  • C
    कथन $I$ और कथन $II$ दोनों सही हैं।
  • D
    कथन $I$ और कथन $II$ दोनों गलत हैं।

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निम्नलिखित में से कौन सी घटना प्रकाश की तरंग प्रकृति द्वारा नहीं समझाई जा सकती है?
$(A)$ परावर्तन
$(B)$ विवर्तन
$(C)$ प्रकाश-विद्युत प्रभाव (Photoelectric effect)
$(D)$ व्यतिकरण
$(E)$ ध्रुवण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनिए:

धातु की सतह पर फोटॉन आपतित होने के बाद,सतह से फोटोइलेक्ट्रॉन के उत्सर्जन में लगने वाला समय लगभग ........... होता है।

थ्रेशोल्ड आवृत्ति की $1.5$ गुना आवृत्ति का प्रकाश एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ पर आपतित होता है। यदि आवृत्ति को आधा और तीव्रता को दोगुना कर दिया जाए तो फोटोइलेक्ट्रिक धारा क्या होगी?

प्रकाश-विद्युत प्रभाव (Photoelectric effect) क्या है?

एक फोटोसेल को $1 \ m$ की दूरी पर रखे प्रकाश के एक छोटे स्रोत द्वारा प्रकाशित किया जाता है। जब प्रकाश के उसी स्रोत को $1/2 \ m$ की दूरी पर रखा जाता है,तो फोटोकैथोड द्वारा उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या .......

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