कम डाइइलेक्ट्रिक स्थिरांक वाले विलायक में विलेय अणुओं का द्विलकीकरण (dimerisation) किसके कारण होता है?

  • A
    हाइड्रोजन बंध
  • B
    सहसंयोजक बंध
  • C
    उपसहसंयोजक बंध
  • D
    आयनिक बंध

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बेंजीन में बेंजोइक एसिड के वांट हॉफ कारक $(i)$ के लिए सही कथन चुनें।

$25 \,g$ बेंजीन में घुले $2 \,g$ बेंजोइक एसिड $(C_{6}H_{5}COOH)$ के हिमांक में अवनमन $1.62 \,K$ है। बेंजीन के लिए मोलल अवनमन स्थिरांक $4.9 \,K \,kg \,mol^{-1}$ है। यदि एसिड विलयन में डाइमर बनाता है,तो इसकी प्रतिशत संगुणन (association) क्या है?

बेंजोइक एसिड बेंजीन में द्विलकीकरण (dimerization) करता है। $x \ g$ बेंजोइक एसिड (मोलर द्रव्यमान $122 \ g \ mol^{-1}$) को $49 \ g$ बेंजीन में घोला जाता है। हिमांक में अवनमन $1.12 \ K$ है। यदि एसिड के संयोजन की मात्रा $88 \%$ है,तो $x$ का मान क्या है? (बेंजीन के लिए $K_f = 4.9 \ K \ kg \ mol^{-1}$)

पानी में घुले एसिटिक एसिड $(CH_3COOH)$ का आणविक द्रव्यमान $60$ है,जबकि बेंजीन में घुलने पर यह $120$ हो जाता है। व्यवहार में इस अंतर का कारण क्या है?

बेंजीन में बने $0.2 \ m$ एसिटिक एसिड के विलयन के क्वथनांक और हिमांक के बीच का अंतर $75.7 \ ^\circ C$ है। वांट-हॉफ कारक $i$ का मान ज्ञात कीजिए। (बेंजीन के लिए $K_b = 2.65 \ K \ m^{-1}$,$K_f = 5.12 \ K \ m^{-1}$,$T_b^o = 80 \ ^\circ C$,$T_f^o = 5.5 \ ^\circ C$)

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