धातु आधिक्य दोष (Metal excess defects) की व्याख्या कीजिए।

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A) $(i)$ ऋणायनी रिक्तियों के कारण दोष: $NaCl$ और $KCl$ जैसे क्षार हैलाइड इस प्रकार के दोष प्रदर्शित करते हैं।
इस प्रकार के दोष में,एक ऋणायन अपने जालक स्थल से अनुपस्थित होता है और उस स्थान पर एक इलेक्ट्रॉन आ जाता है ताकि विद्युत उदासीनता बनी रहे। ऋणायनी रिक्तियों में फंसे इन इलेक्ट्रॉनों को $F$-केंद्र (जर्मन शब्द $Farbenzentrum$ से,जिसका अर्थ रंग केंद्र है) कहा जाता है,जो क्रिस्टल के रंग के लिए जिम्मेदार होते हैं।
$(ii)$ अंतराकाशी स्थलों पर अतिरिक्त धनायनों की उपस्थिति के कारण दोष: जिंक ऑक्साइड $(ZnO)$ कमरे के तापमान पर सफेद होता है। गर्म करने पर,यह ऑक्सीजन खो देता है और निम्नलिखित अभिक्रिया के कारण पीला हो जाता है:
$ZnO \xrightarrow{\Delta} Zn^{2+} + \frac{1}{2}O_2 + 2e^-$
अब,क्रिस्टल में जिंक की अधिकता हो जाती है और इसका सूत्र $Zn_{1+x}O$ हो जाता है। अतिरिक्त $Zn^{2+}$ आयन अंतराकाशी स्थलों में चले जाते हैं और विद्युत उदासीनता बनाए रखने के लिए इलेक्ट्रॉन पड़ोसी अंतराकाशी स्थलों में चले जाते हैं।

Explore More

Similar Questions

$F$-centre के संबंध में सही कथन है

ठोस क्षार धातु हैलाइडों में रंग की उपस्थिति सामान्यतः किसके कारण होती है?

$Frenkel$ दोष वाले क्रिस्टल के संबंध में गलत कथन की पहचान करें।

एक गैर-स्टोइकोमेट्रिक यौगिक का उदाहरण है

निम्नलिखित में से कौन सा ठोस फ्रेंकेल दोष प्रदर्शित करता है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo