(N/A) वह उत्प्रेरकीय अभिक्रिया जो उत्प्रेरक की छिद्र संरचना और अभिकारक तथा उत्पाद अणुओं के आकार पर निर्भर करती है,उसे आकार-चयनात्मक उत्प्रेरण कहा जाता है।
जिओलाइट्स अपनी मधुकोश जैसी संरचना के कारण अच्छे आकार-चयनात्मक उत्प्रेरक होते हैं। ये सूक्ष्म-छिद्रयुक्त एल्युमिनोसिलिकेट्स होते हैं जिनमें सिलिकेट्स का त्रिविमीय नेटवर्क होता है,जिसमें कुछ सिलिकॉन परमाणु एल्युमीनियम परमाणुओं द्वारा प्रतिस्थापित होते हैं,जो $Al-O-Si$ ढांचा प्रदान करते हैं।
जिओलाइट्स में होने वाली अभिक्रियाएं अभिकारक और उत्पाद अणुओं के आकार और आकृति के साथ-साथ जिओलाइट्स के छिद्रों और गुहाओं पर निर्भर करती हैं। ये प्रकृति में पाए जाते हैं और उत्प्रेरकीय चयनात्मकता के लिए संश्लेषित भी किए जाते हैं।
जिओलाइट्स का उपयोग पेट्रोकेमिकल उद्योगों में हाइड्रोकार्बन के क्रैकिंग और समावयवीकरण (isomerisation) के लिए उत्प्रेरक के रूप में व्यापक रूप से किया जाता है। पेट्रोलियम उद्योग में उपयोग किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण जिओलाइट उत्प्रेरक $ZSM-5$ है। यह अल्कोहल को निर्जलीकृत करके सीधे गैसोलीन (पेट्रोल) में परिवर्तित करता है,जिससे हाइड्रोकार्बन का मिश्रण प्राप्त होता है।