अंतर स्पष्ट कीजिए: नर युग्मकोद्भिद अवस्था और मादा युग्मकोद्भिद अवस्था।

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नर युग्मकोद्भिद अवस्थामादा युग्मकोद्भिद अवस्था
$(1)$ लघुबीजाणुओं के समसूत्री विभाजन द्वारा निर्मित होती है।$(1)$ गुरुबीजाणुओं के समसूत्री विभाजन द्वारा निर्मित होती है।
$(2)$ पराग नलिका का विकास होता है।$(2)$ बीजांड के भीतर भ्रूणपोष का निर्माण होता है।
$(3)$ पराग केंद्रक से कायिक कोशिका और जनन कोशिका उत्पन्न होती है।$(3)$ गुरुबीजाणु केंद्रक के विभाजन द्वारा $8$-केंद्रकीय और $7$-कोशिकीय संरचना (भ्रूणपोष) बनती है।

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कथन $(S)$: मृत्यु एक अर्थपूर्ण घटना है।
कारण $(R)$: मृत्यु प्रत्येक प्रजाति के जीवों की संख्या को सीमित रखती है।
$(A)$ $S$ और $R$ दोनों सही हैं,$R$,$S$ की सही व्याख्या है।
$(B)$ $S$ और $R$ दोनों सही हैं,लेकिन $R$,$S$ की सही व्याख्या नहीं है।
$(C)$ $S$ सही है और $R$ गलत है।
$(D)$ $S$ गलत है और $R$ सही है।

एक पुष्पी पादप की कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या होती है:

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