नीचे दो कथन दिए गए हैं।
कथन $I$: सामान्यतः,आवृतबीजी पौधों में परागकोश द्विपालिक (dithecous) होते हैं,जिनमें प्रत्येक पालि में दो परागपुट होते हैं।
कथन $II$: प्रत्येक बीजाणुधानी बीजाणुजनन (sporogenesis) की प्रक्रिया द्वारा बीजाणुजन ऊतकों से परागकण उत्पन्न करती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।

  • A
    कथन $I$ और कथन $II$ दोनों सही हैं।
  • B
    कथन $I$ और कथन $II$ दोनों गलत हैं।
  • C
    कथन $I$ सही है और कथन $II$ गलत है।
  • D
    कथन $I$ गलत है और कथन $II$ सही है।

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$P -$ यह कोशिका बड़ी होती है,इसमें प्रचुर मात्रा में भोजन संचित होता है और एक बड़ा अनियमित आकार का केंद्रक होता है।
$Q -$ यह कोशिका छोटी होती है और कायिक कोशिका के कोशिकाद्रव्य में तैरती है। यह सघन कोशिकाद्रव्य और केंद्रक वाली तर्कुरूपी (spindle-shaped) कोशिका है।
$\quad\quad \quad P \quad \quad Q$

वर्तिकाग्र (Stigma) और परागकण (Pollen grain) . . . . . . का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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