यदि एक नाभिक $P$, एक अल्फा कण और दो $\beta^{-}$ कणों के क्षय द्वारा नाभिक $Q$ में परिवर्तित हो जाता है, तो नाभिक $P$ और $Q$ हैं

  • A
    समस्थानिक (Isotopes)
  • B
    समभारिक (Isobars)
  • C
    समन्यूट्रॉनिक (Isotones)
  • D
    समावयवी (Isomers)

Explore More

Similar Questions

कथन : $\beta$-कण की आयनीकरण शक्ति $\alpha$-कणों की तुलना में कम होती है लेकिन उनकी भेदन क्षमता (penetrating power) अधिक होती है।
कारण : $\beta$-कण का द्रव्यमान $\alpha$-कणों के द्रव्यमान से कम होता है।

$\beta$-क्षय का अर्थ है इलेक्ट्रॉन का उत्सर्जन

रेडियोधर्मी क्षय द्वारा उत्सर्जित वे कण जो चुंबकीय क्षेत्र द्वारा विक्षेपित होते हैं,वे हैं:

एक दिए गए स्रोत से गामा विकिरण की तीव्रता $I$ है। $36 \, mm$ सीसे (lead) से गुजरने पर,यह घटकर $\frac{I}{8}$ हो जाती है। सीसे की वह मोटाई जो तीव्रता को $\frac{I}{2}$ तक कम कर देगी,वह होगी......$mm$

$U^{238}$ एक $\alpha$-कण के उत्सर्जन द्वारा $Th^{234}$ में क्षयित होता है। इसके बाद रेडियोधर्मी क्षय की एक श्रृंखला होती है,जो या तो $\alpha$-क्षय या $\beta$-क्षय द्वारा होती है। अंततः एक स्थिर न्यूक्लाइड प्राप्त होता है और उसके बाद,कोई और रेडियोधर्मी क्षय संभव नहीं है। निम्नलिखित में से कौन सा स्थिर न्यूक्लाइड $U^{238}$ रेडियोधर्मी क्षय श्रृंखला का अंतिम उत्पाद है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo