यदि एक परिनालिका (solenoid) में प्रति इकाई लंबाई में फेरों की संख्या को तीन गुना कर दिया जाए,तो परिनालिका का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) हो जाएगा

  • A
    स्थिर रहेगा
  • B
    आधा हो जाएगा
  • C
    $9$ गुना हो जाएगा
  • D
    $\frac{1}{9}$ गुना हो जाएगा

Explore More

Similar Questions

एक कुंडली का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) किस पर निर्भर करता है?

एक कुंडली में विद्युत धारा $4 \,A$ से बदलकर $0.1 \,s$ में शून्य हो जाती है और प्रेरित emf $100 \,V$ है। कुंडली का स्वप्रेरकत्व (in $\,H$) क्या है?

चार इंडक्टर्स $P, Q, R, S$ के लिए चुंबकीय फ्लक्स $(\phi)$ बनाम धारा $(I)$ का ग्राफ दिखाया गया है। स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) का सबसे बड़ा मान किस इंडक्टर के लिए है?

एक परिनालिका $0.10\,cm$ व्यास के तार से कसकर लपेटी गई है,जिसका अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $\frac{1}{\pi}\,cm^2$ है और लंबाई $40\,cm$ है। यदि परिनालिका से प्रवाहित धारा $0.10\,s$ में $10\,A$ से घटकर $0\,A$ हो जाती है,तो परिनालिका के भीतर प्रेरित $emf$ .....$mV$ होगा।

Difficult
View Solution

जब $100$ फेरों वाली एक कुंडली से $1 \,A$ की धारा प्रवाहित की जाती है, तो इससे संबद्ध फ्लक्स $2.5 \times 10^{-5} \,Wb/\text{turn}$ है। मिलीहेनरी में कुंडली का स्व-प्रेरकत्व क्या है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo