एक फोटो-इमिशन प्रयोग में,धातुओं $P, Q$ और $R$ से उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्रमशः $E_P, E_Q$ और $E_R$ है,और वे $E_P = 2E_Q = 2E_R$ संबंध द्वारा संबंधित हैं। इस प्रयोग में,धातुओं $P$ और $Q$ के लिए एक ही मोनोक्रोमैटिक प्रकाश स्रोत का उपयोग किया जाता है,जबकि धातु $R$ के लिए एक अलग मोनोक्रोमैटिक प्रकाश स्रोत का उपयोग किया जाता है। धातुओं $P, Q$ और $R$ के कार्य फलन (work functions) क्रमशः $4.0 \ eV$,$4.5 \ eV$ और $5.5 \ eV$ हैं। धातु $R$ के लिए उपयोग किए गए आपतित फोटॉन की ऊर्जा,$eV$ में,क्या है?

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जब प्रकाश किसी सतह पर आपतित होता है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। इन फोटोइलेक्ट्रॉनों के लिए:

प्रकाश-विद्युत प्रभाव में,जब $h \nu$ ऊर्जा के फोटॉन एक प्रकाश-संवेदी सतह (कार्य फलन $h \nu_0$) पर गिरते हैं,तो धात्विक सतह से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। यह कहना संभव है कि:

$4.0 \ eV$ कार्य फलन वाली धातु के लिए देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) $nm$ में कितनी होगी?

जब एक धातु की प्लेट को $400 \ nm$ और $250 \ nm$ तरंग दैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम वेग क्रमशः $v$ और $2v$ होता है। धातु का कार्य फलन (work function) क्या होगा? ($h$ = प्लांक नियतांक; $c$ = निर्वात में प्रकाश की चाल)

एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ पर,जब आपतित विकिरण की आवृत्ति में $30 \%$ की वृद्धि की जाती है,तो उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा $0.4 \ eV$ से बढ़कर $0.9 \ eV$ हो जाती है। सतह का कार्य फलन (work function) है ($eV$ में)

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