बेंजोइक एसिड $(C_6H_5COOH)$ के अणु बेंजीन में द्विलकीकरण (dimerise) करते हैं। $30 \ g$ बेंजीन में घुले '$w$' $g$ एसिड के हिमांक में अवनमन $2 \ K$ के बराबर है। यदि विलयन में एसिड के द्विलक बनाने की प्रतिशत संगुणन (association) $80$ है,तो $w$ का मान : ............. $g$ है।
(दिया गया है कि $K_f = 5 \ K \ kg \ mol^{-1},$ बेंजोइक एसिड का मोलर द्रव्यमान $= 122 \ g \ mol^{-1}$ )

  • A
    $2.44$
  • B
    $1.00$
  • C
    $1.50$
  • D
    $1.80$

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$2 \ g$ बेंजोइक एसिड $(M_w = 122 \ g/mol)$ को $25 \ g$ $C_6H_6$ में घोलने पर हिमांक में अवनमन $1.62 \ K$ प्राप्त होता है। $K_f (C_6H_6) = 4.9 \ K \ kg \ mol^{-1}$ दिया गया है। यदि एसिड विलयन में द्विलक (dimer) बनाता है,तो एसिड का प्रतिशत संयोजन $......... \%$ है।

फिनोल एक विलायक में $60\%$ द्विलकीकृत (dimerised) होता है। फिनोल का प्रेक्षित (observed) आणविक भार क्या होगा?

यदि एक दुर्बल मोनोबेसिक अम्ल के जलीय विलयन के वियोजन की मात्रा $0.3$ निर्धारित की जाती है,तो प्रेक्षित हिमांक अवनमन,अपेक्षित/सैद्धांतिक हिमांक अवनमन से $.....\%$ अधिक होगा। (निकटतम पूर्णांक)

$75.2 \ g$ फिनोल को $1 \ kg$ विलायक में मिलाया जाता है। हिमांक में अवनमन $7 \ K$ है। यदि फिनोल का द्वितयीकरण (dimerization) होता है,तो संयोजन (association) की प्रतिशत गणना कीजिए। $(K_f = 14 \ K \ kg \ mol^{-1})$

$300 \ K$ पर, सोडियम क्लोराइड के डेसीनॉर्मल विलयन का परासरण दाब $4.82 \ atm$ है। सोडियम क्लोराइड के वियोजन की मात्रा $x \times 10^{-2}$ है। $x$ का मान ज्ञात कीजिए। $\left(R=0.082 \ L \ atm \ K^{-1} \ mol^{-1}\right)$

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