मोनोन्यूक्लियर समन्वय संस्थाओं (mononuclear coordination entities) के नामकरण के नियम बताइए।

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A) . आयनों के नामकरण के नियम: यदि समन्वय संस्था ऋणायनिक (anionic) है,तो धनायन का नाम पहले लिखा जाता है,उसके बाद ऋणायनिक संकुल का नाम लिखा जाता है।
उदाहरण के लिए: $K_{2}[HgI_{4}]$ में,$K^{+}$ का नाम पहले लिखा जाता है,उसके बाद $[HgI_{4}]^{2-}$ का नाम आता है। यदि समन्वय संस्था धनायनिक (cationic) है,तो धनात्मक भाग का नाम पहले लिखा जाता है,उसके बाद ऋणायन का नाम लिखा जाता है।
उदाहरण के लिए: $[Ag(NH_{3})_{2}]OH$ में,धनात्मक आयन $[Ag(NH_{3})_{2}]^{+}$ का नाम पहले लिखा जाता है,उसके बाद ऋणायन यानी $OH^{-}$ आयन का नाम लिखा जाता है।
$B$. लिगेंड्स के नामकरण के नियम: यदि लिगेंड्स ऋणायनिक हैं,तो नाम के अंत में $-o$ प्रत्यय लगना चाहिए। यदि लिगेंड्स उदासीन हैं,तो उन्हें असंयोजित अणु के समान ही नाम दिया जाता है।

Explore More

Similar Questions

$[Pt(NH_3)_4 NO_2Cl] SO_4$ का $IUPAC$ नाम ............. होगा।

निम्नलिखित समन्वय संस्थाओं में धातुओं की ऑक्सीकरण संख्या निर्दिष्ट करें:
$(i) [Co(H_{2}O)(CN)(en)_{2}]^{2+}$
$(ii) [CoBr_{2}(en)_{2}]^{+}$
$(iii) [PtCl_{4}]^{2-}$
$(iv) K_{3}[Fe(CN)_{6}]$
$(v) [Cr(NH_{3})_{3}Cl_{3}]$

एक संकुल यौगिक जिसमें धातु की ऑक्सीकरण संख्या शून्य है,वह है

$H_2S_2O_7$ में सल्फर और $K_4[Fe(CN)_6]$ में आयरन की ऑक्सीकरण संख्या क्रमशः क्या है?

पोटेशियम फेरोसायनाइड का सही सूत्र है:

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo