हाइपरकंजुगेशन के आधार पर निम्नलिखित यौगिकों की स्थिरता का सही क्रम क्या है?

  • A
    $IV > III > II > I$
  • B
    $IV > II > I > III$
  • C
    $IV > II > III > I$
  • D
    $IV > I > III > II$

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निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?

निम्नलिखित के लिए हाइपरकंजुगेशन अनुनाद संरचनाएं बनाएं:
$(a) \ CH_3-CH=CH_2$
$(b) \ CH_3-CH_2^+$
$(c) \ CH_3-CH_2-CH_2^+$

List-$I$ को List-$II$ के साथ सुमेलित करें:
| List-$I$ (अभिक्रिया के चरण) | List-$II$ (प्रभाव) |
| :--- | :--- |
| $(A)$ एनिलीन की अनुनाद संरचना | $(I)$ $-E$ प्रभाव |
| $(B)$ एल्कीन पर $H^+$ का इलेक्ट्रॉनस्नेही योग | $(II)$ $-R$ प्रभाव |
| $(C)$ एल्कीन पर $CN^-$ का नाभिकस्नेही योग | $(III)$ $+E$ प्रभाव |
| $(D)$ नाइट्रोबेंजीन की अनुनाद संरचना | $(IV)$ $+R$ प्रभाव |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

निम्नलिखित में से कौन से कथन सही नहीं हैं?
$a$. अनुनाद संकर (resonance hybrid) संरचना की ऊर्जा अणु की संभावित विहित (canonical) संरचनाओं की तुलना में अधिक होती है।
$b$. जब प्रेरणिक प्रभाव (inductive effect) और इलेक्ट्रोमेरिक प्रभाव विपरीत दिशाओं में कार्य करते हैं,तो इलेक्ट्रोमेरिक प्रभाव प्रभावी होता है।
$c$. जब बहु-आबंध (multiple bond) के $\pi$ इलेक्ट्रॉन उस परमाणु पर स्थानांतरित हो जाते हैं जिससे आक्रमणकारी अभिकर्मक नहीं जुड़ता है,तो इसे $+E$ प्रभाव कहा जाता है।
$d$. विपरीत आवेशों के पृथक्करण वाली अनुनाद संरचनाएं अधिक स्थिर होती हैं।

निम्नलिखित संरचनाओं पर विचार करें:
$I.$ $CH_3-CH_2-COOH$
$II.$ $CH_3-CH(Cl)-COOH$
$III.$ $Cl-CH_2-CH_2-COOH$
$IV.$ $CH_3-CH_2-CH_2-COOH$
उनकी अम्लता का सही क्रम है

Difficult
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