$5\, H$ प्रेरकत्व वाली एक कुंडली में धारा $2\, A/s$ की दर से घट रही है। प्रेरित $e.m.f.$ ....$V$ है।

  • A
    $2$
  • B
    $5$
  • C
    $10$
  • D
    $-10$

Explore More

Similar Questions

एक वृत्ताकार चालक कुंडली में,जब धारा $0.05 \,s$ में $2 \,A$ से बढ़कर $18 \,A$ हो जाती है,तो प्रेरित $e.m.f.$ $20 \,V$ होता है। कुंडली का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) .....$mH$ है।

$2.0\,A$ की धारा वहन करने वाले एक परिपथ से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स $0.8\,Wb$ है। यदि धारा $0.1\,s$ में घटकर $1.5\,A$ हो जाती है,तो प्रेरित $emf$ ......$V$ होगा।

एक कुंडली में $N$ फेरे हैं और इसमें से प्रवाहित होने वाली धारा $I$ एम्पीयर है,जिससे $L$ हेनरी का स्व-प्रेरकत्व प्राप्त होता है। यदि धारा बदलकर $5I$ $A$ हो जाती है,तो नया स्व-प्रेरकत्व . . . . . . $H$ होगा।

स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) के संबंध में:
$A:$ कुंडली का स्व-प्रेरकत्व उसकी ज्यामिति पर निर्भर करता है।
$B:$ स्व-प्रेरकत्व माध्यम की पारगम्यता (permeability) पर निर्भर नहीं करता है।
$C:$ स्व-प्रेरित e.m.f. परिपथ में धारा के किसी भी परिवर्तन का विरोध करता है।
$D:$ स्व-प्रेरकत्व यांत्रिकी में द्रव्यमान का विद्युत-चुंबकीय अनुरूप है।
$E:$ धारा स्थापित करने के लिए स्व-प्रेरित e.m.f. के विरुद्ध कार्य करना पड़ता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

एक कुंडली (coil) का प्रेरकत्व (inductance) $60\,\mu H$ है। इस कुंडली में धारा $1.0\,A$ से बढ़कर $0.1\,s$ में $1.5\,A$ हो जाती है। प्रेरित $e.m.f.$ का परिमाण है

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo