$4 \, A$ की धारा वहन करने वाले $50 \, mH$ के प्रेरक (inductor) में संचित ऊर्जा $J$ में कितनी होगी?

  • A
    $0.4$
  • B
    $4$
  • C
    $0.8$
  • D
    $0.04$

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जब एक प्रेरक (inductor) में धारा $60\, mA$ होती है,तो उसमें संचित चुंबकीय स्थितिज ऊर्जा $25\, mJ$ होती है। इस प्रेरक का प्रेरकत्व (inductance) ......$H$ है।

एक $50 \, mH$ की कुंडली में $2 \, A$ की धारा प्रवाहित हो रही है। कुंडली में संचित ऊर्जा जूल में है:

निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
$(a)$ प्रेरक (Inductor) चुंबकीय क्षेत्र के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।
$(b)$ संधारित्र (Capacitor) विद्युत क्षेत्र के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।
$(c)$ प्रेरक विद्युत और चुंबकीय दोनों क्षेत्रों के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।
$(d)$ संधारित्र विद्युत और चुंबकीय दोनों क्षेत्रों के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।

कथन : यदि किसी परिनालिका (solenoid) में धारा की दिशा को परिमाण समान रखते हुए उलट दिया जाए,तो परिनालिका में संचित चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है।
कारण : चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा घनत्व चुंबकीय क्षेत्र के समानुपाती होता है।

$40 \, mH$ के स्व-प्रेरकत्व वाली और $2 \, A$ की स्थिर धारा वहन करने वाली कुंडली (coil) में संचित ऊर्जा ..... $J$ है।

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