धातु की सतह से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग $9 \times 10^5 \ m/s$ है। फोटोइलेक्ट्रॉन के आवेश $(e)$ और द्रव्यमान $(m)$ के अनुपात का मान $1.8 \times 10^{11} \ C/kg$ है। वोल्ट में निरोधी विभव (stopping potential) का मान क्या है?

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हाइड्रोजन परमाणु में दूसरी उत्तेजित अवस्था से मूल अवस्था में इलेक्ट्रॉन के संक्रमण द्वारा मुक्त हुआ एक फोटॉन $3.1 \ eV$ कार्य फलन वाली धातु की सतह पर आपतित होता है। उस धातु की सतह से उत्सर्जित सबसे अधिक ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य लगभग कितनी होगी?

फोटोसेल से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा ........ से स्वतंत्र है।

यदि आपतित विकिरण की आवृत्ति $(v)$ को बढ़ाया जाता है,अन्य कारकों को स्थिर रखते हुए,तो निरोधी विभव ($v > v_0$,देहली आवृत्ति) क्या होगा?

आइंस्टीन के प्रकाश-विद्युत समीकरण के अनुसार,धातु से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा और आपतित विकिरण की आवृत्ति के बीच खींचा गया ग्राफ एक सीधी रेखा देता है,जिसका ढाल (slope):

एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ का कार्य फलन (work function) $4.0 \ eV$ है। प्रकाश की वह अधिकतम तरंगदैर्ध्य जो इस पदार्थ से फोटॉन उत्सर्जन करा सकती है,लगभग $...... \ nm$ है।

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