धातु $A$ और $B$ के कार्य फलन (work function) का अनुपात $1 : 2$ है। यदि $f$ और $2f$ आवृत्ति का प्रकाश क्रमशः $A$ और $B$ की सतहों पर आपतित होता है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा का अनुपात क्या होगा? ($f$ और $2f$ दोनों आवृत्तियाँ धातु $A$ और $B$ की देहली आवृत्ति (threshold frequency) से अधिक हैं)।

  • A
    $1 : 1$
  • B
    $1 : 2$
  • C
    $1 : 3$
  • D
    $1 : 4$

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एक फोटो-एमिसिव सेल में,उत्तेजक तरंगदैर्ध्य $\lambda$ के लिए,इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $K$ है। यदि उत्तेजक तरंगदैर्ध्य को बदलकर $\frac{3\lambda}{4}$ कर दिया जाए,तो सबसे तेज़ उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा क्या होगी?

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एक प्रकाश-विद्युत प्रयोग में, $y$-अक्ष पर निरोधी विभव $(V_s)$ और $x$-अक्ष पर आपतित विकिरण की आवृत्ति $(\nu)$ के बीच खींचे गए ग्राफ की ढाल क्या होगी? (प्लांक नियतांक $h = 6.6 \times 10^{-34} \text{ Js}$)

सिल्वर और सोडियम के कार्य फलन (work function) क्रमशः $4.6 \ eV$ और $2.3 \ eV$ हैं। सिल्वर और सोडियम के लिए निरोधी विभव (stopping potential) बनाम आवृत्ति के ग्राफ की ढाल (slope) का अनुपात क्या है?

एक पदार्थ का कार्य फलन $4.0 \ eV$ है। प्रकाश की वह अधिकतम तरंगदैर्ध्य जो इस पदार्थ से फोटो-इलेक्ट्रॉन का उत्सर्जन करा सकती है,उसका अनुमानित मान ............ $nm$ है।

जब $\lambda$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश एक प्रकाश-संवेदी सतह पर आपतित होता है,तो निरोधी विभव (stopping potential) $V$ है। जब $3 \lambda$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश उसी सतह पर आपतित होता है,तो निरोधी विभव $\frac{V}{6}$ है। तो सतह के लिए देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) क्या है?

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