$6.2 \, eV$ के पराबैंगनी विकिरण एक एल्यूमीनियम सतह (कार्य फलन $4.2 \, eV$) पर गिरते हैं। उत्सर्जित सबसे तेज़ इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा जूल में लगभग कितनी होगी?

  • A
    $3.2 \times 10^{-21} \, J$
  • B
    $3.2 \times 10^{-19} \, J$
  • C
    $3.2 \times 10^{-17} \, J$
  • D
    $3.2 \times 10^{-15} \, J$

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एक निश्चित धातु के लिए देहली आवृत्ति $v_0$ है। जब $2v_0$ आवृत्ति का विकिरण इस धातु की सतह पर आपतित होता है,तो उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम वेग $2 \times 10^6 \ m/s$ होता है। यदि $3v_0$ आवृत्ति का विकिरण उसी धातु की सतह पर आपतित हो,तो उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम वेग . . . . . . है।

$5000 \; \mathring A$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश $1.9 \; eV$ कार्य फलन वाली एक संवेदनशील प्लेट पर गिरता है। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा ............ $eV$ होगी।

एक पदार्थ का कार्य फलन $4.0 \ eV$ है। प्रकाश की वह अधिकतम तरंगदैर्ध्य जो इस पदार्थ से फोटो-इलेक्ट्रॉन का उत्सर्जन करा सकती है,उसका अनुमानित मान ............ $nm$ है।

एक धात्विक सतह का कार्य फलन (work function) $5.01 \, eV$ है। जब इस पर $2000 \, \mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश आपतित होता है,तो फोटो-इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। सबसे तेज़ फोटो-इलेक्ट्रॉनों को रोकने के लिए आवश्यक विभवांतर ............... $volt$ है $[h = 4.14 \times 10^{-15} \, eV \cdot s]$

Difficult
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थ्रेशोल्ड तरंगदैर्ध्य से कम तरंगदैर्ध्य $\lambda$ का प्रकाश एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ पर आपतित होता है। यदि आपतित तरंगदैर्ध्य को कम किया जाता है ताकि उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन समान वेग से गति करें,तो निरोधी विभव (stopping potential):

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