परमाणु कक्षकों के संकरण (hybridisation) से क्या तात्पर्य है? $sp$,$sp^{2}$,$sp^{3}$ संकरित कक्षकों की आकृतियों का वर्णन कीजिए।

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(N/A) संकरण को थोड़ी भिन्न ऊर्जा वाले परमाणु कक्षकों के आपस में मिश्रित होने की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है,जिससे समान ऊर्जा और आकार वाले कक्षकों का एक नया समूह बनता है।
$1$. $sp$ संकरित कक्षकों की आकृति: $sp$ संकरित कक्षक एक $s$ और एक $p$ कक्षक के मिश्रण से बनते हैं। इनकी आकृति रेखीय होती है और बंध कोण $180^{\circ}$ होता है।
$2$. $sp^{2}$ संकरित कक्षकों की आकृति: $sp^{2}$ संकरित कक्षक एक $s$ और दो $p$ कक्षकों के मिश्रण से बनते हैं। ये त्रिकोणीय समतलीय व्यवस्था में होते हैं और बंध कोण $120^{\circ}$ होता है।
$3$. $sp^{3}$ संकरित कक्षकों की आकृति: $sp^{3}$ संकरित कक्षक एक $s$ और तीन $p$ कक्षकों के मिश्रण से बनते हैं। ये चतुष्फलकीय ज्यामिति में व्यवस्थित होते हैं और बंध कोण $109.5^{\circ}$ होता है।

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