एक कुंडली (coil) का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) क्या है जिसमें $2 \,V$ का प्रेरित emf उत्पन्न होता है, जब धारा $4 \,A s^{-1}$ की दर से बदल रही है?

  • A
    $0.5 \,mH$
  • B
    $0.05 \,H$
  • C
    $2 \,H$
  • D
    $0.5 \,H$

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$40 \ cm$ लंबाई और $7 \ cm$ व्यास वाले $200$ फेरों वाली वायु-क्रोडित (air-cored) परिनालिका का स्व-प्रेरकत्व लगभग कितना होगा ($\mu H$ में)?

एक परिपथ में धारा $0.2 \ ms$ के समय में $14 \ A$ से घटकर $4 \ A$ हो जाती है। यदि प्रेरित emf $150 \ V$ है,तो परिपथ का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) क्या है?

एक कुंडली में धारा $0.2\, s$ में $5\, A$ से घटकर $0\, A$ हो जाती है। यदि $150\, V$ का औसत $emf$ प्रेरित होता है,तो कुंडली का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) .....$H$ है।

एक परिनालिका (solenoid) पर विचार करें जो एक $DC$ स्रोत द्वारा संचालित है जिसका $emf$ स्थिर है और इसके अंदर एक लोहे का क्रोड (iron core) रखा है। जब क्रोड को परिनालिका से बाहर निकाला जाता है,तो धारा में परिवर्तन होगा:

एक कुंडली का स्व-प्रेरित $emf$ $25\,V$ है। जब इसमें प्रवाहित धारा $1\,s$ में $10\,A$ से बदलकर $25\,A$ हो जाती है,तो प्रेरक में संचित ऊर्जा में परिवर्तन......$J$ है।

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