निम्नलिखित में से कौन सा क्रम गलत है $:-$

  • A
    $BF_3 < PF_3$ (द्विध्रुव आघूर्ण)
  • B
    $N_2 < P_2$ (बंध सामर्थ्य)
  • C
    $PH_3 > NH_3$ (जल में घुलनशीलता)
  • D
    $Ne < Ne^+$ (आयनन विभव)

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निम्नलिखित में से किस विकल्प में, व्यवस्था का क्रम उसके सामने इंगित गुण के परिवर्तन से मेल नहीं खाता है?
$(a)$ $BF_3 < NF_3 < NH_3$ (द्विध्रुव आघूर्ण)
$(b)$ $HgCl_2 > NH_4^+ > SF_6$ (बंध कोण)

कथन: $H_2O$ और $XeF_4$ दोनों में सममिति का तल (plane of symmetry) होता है।
कारण: $H_2O$ एक ध्रुवीय अणु है जबकि $XeF_4$ एक अध्रुवीय अणु है।

$P_4O_{10}$ में $\sigma$ बंधों की संख्या ज्ञात कीजिए।

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
$A$. $NF_3$ अणु की संरचना त्रिकोणीय समतलीय होती है।
$B$. $N_2$ की बंध लंबाई $O_2$ से कम होती है।
$C$. आइसोइलेक्ट्रॉनिक अणुओं या आयनों का बंध क्रम समान होता है।
$D$. $H_2S$ का द्विध्रुव आघूर्ण जल के अणु से अधिक होता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

कॉलम $I$ में दिए गए अणुओं को कॉलम $II$ में उनके केंद्रीय परमाणु पर मौजूद एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्मों (lone pairs) की संख्या के साथ सुमेलित कीजिए।
कॉलम $I$ (अणु)कॉलम $II$ (केंद्रीय परमाणु पर एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्मों की संख्या)
$A. \ NH_3$$1. \ \text{दो}$
$B. \ H_2O$$2. \ \text{तीन}$
$C. \ XeF_2$$3. \ \text{शून्य}$
$D. \ CH_4$$4. \ \text{चार}$
$5. \ \text{एक}$

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