पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर कक्षीय गति में कौन सी राशि नियत रहती है?

  • A
    कोणीय संवेग
  • B
    रेखीय संवेग
  • C
    कोणीय गतिज ऊर्जा
  • D
    रेखीय गतिज ऊर्जा

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नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन $(A)$ और दूसरे को कारण $(R)$ के रूप में लेबल किया गया है।
अभिकथन $(A):$ सूर्य से किसी ग्रह तक का त्रिज्या सदिश समान समय अंतराल में समान क्षेत्रफल तय करता है और इसलिए ग्रह का क्षेत्रीय वेग स्थिर रहता है।
कारण $(R):$ केंद्रीय बल क्षेत्र के लिए कोणीय संवेग स्थिर होता है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

$m$ द्रव्यमान का एक उपग्रह $S_1$,$r$ त्रिज्या की कक्षा में घूम रहा है। $2m$ द्रव्यमान का एक अन्य उपग्रह $S_2$,$2r$ त्रिज्या की कक्षा में घूम रहा है। उपग्रह $S_2$ और $S_1$ के आवर्तकाल का अनुपात क्या है?

$R$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में एक उपग्रह का आवर्तकाल $T$ है। $4R$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में दूसरे उपग्रह का आवर्तकाल क्या होगा?

क्या कक्षा में ग्रह की गति स्थिर रहती है?

$M$ द्रव्यमान का एक तारा (सौर द्रव्यमान के बराबर) एक ग्रह (तारे से बहुत छोटा) के साथ तारे के चारों ओर एक वृत्ताकार कक्षा में घूमता है। तारा-ग्रह प्रणाली के द्रव्यमान केंद्र के सापेक्ष तारे का वेग नीचे दिखाया गया है। ग्रह की कक्षा की त्रिज्या लगभग .......... $AU$ ($1 \, AU =$ पृथ्वी-सूर्य की दूरी) है।

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