रूपांतरण सिद्धांत (transforming principle) की जैव-रासायनिक प्रकृति का खुलासा किसने किया? यह कैसे किया गया था?

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(N/A) ओसवाल्ड एवरी,कॉलिन मैकलियोड और मैकलिन मैक्कार्टी ($1933$-$1944$) ने ग्रिफिथ के प्रयोग में 'रूपांतरण सिद्धांत' की जैव-रासायनिक प्रकृति को निर्धारित करने के लिए कार्य किया।
उन्होंने ताप-मृत $S$ कोशिकाओं से प्रोटीन्स,$DNA$,$RNA$ आदि जैसे जैव-रसायनों को शुद्ध किया ताकि यह देखा जा सके कि इनमें से कौन जीवित $R$ कोशिकाओं को $S$ कोशिकाओं में रूपांतरित कर सकता है।
उन्होंने पाया कि केवल $S$ बैक्टीरिया से प्राप्त $DNA$ ही $R$ बैक्टीरिया को रूपांतरित करने के लिए जिम्मेदार था।
उन्होंने यह भी पाया कि प्रोटीन-पाचक एंजाइम (प्रोटीएज) और $RNA$-पाचक एंजाइम $(RNases)$ रूपांतरण को प्रभावित नहीं करते थे,जिससे यह स्पष्ट हुआ कि रूपांतरण करने वाला पदार्थ न तो प्रोटीन था और न ही $RNA$ था।
$DNase$ के साथ पाचन करने पर रूपांतरण रुक गया,जिससे यह पुष्टि हुई कि $DNA$ ही रूपांतरण के लिए जिम्मेदार अणु था।
उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि $DNA$ ही आनुवंशिक पदार्थ है,हालाँकि उस समय सभी जीवविज्ञानी इस बात से सहमत नहीं थे।

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