किसी पदार्थ के अच्छे उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने के लिए 'विशोषण' (desorption) क्यों महत्वपूर्ण है?

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(N/A) उत्प्रेरकीय अभिक्रिया के दौरान,अभिकारक के अणु उत्पाद बनाने के लिए उत्प्रेरक की सतह पर अधिशोषित हो जाते हैं।
उत्प्रेरक को प्रभावी बनाए रखने और अभिक्रिया को जारी रखने के लिए,बने हुए उत्पाद के अणुओं का सतह से विशोषित (desorbed) होना आवश्यक है।
यह विशोषण प्रक्रिया उत्प्रेरक की सतह पर रिक्त स्थान बनाती है,जिससे नए अभिकारक अणु अधिशोषित हो सकें और अभिक्रिया पुनः संपन्न हो सके।

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निम्नलिखित में से किसे अधिशोषण सिद्धांत द्वारा समझाया जा सकता है?

वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण सूक्ष्म विभाजित $Ni$ उत्प्रेरक की उपस्थिति में किया जाता है। यह अभिक्रिया है:

निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया में उत्प्रेरक शामिल नहीं होता है?

आयरन $(III)$ आयोडाइड और पर्सल्फेट आयनों के बीच की अभिक्रिया को उत्प्रेरित करता है,जिसमें
$A$. $Fe^{3+}$ आयोडाइड आयन का ऑक्सीकरण करता है
$B$. $Fe^{3+}$ पर्सल्फेट आयन का ऑक्सीकरण करता है
$C$. $Fe^{2+}$ आयोडाइड आयन का अपचयन करता है
$D$. $Fe^{2+}$ पर्सल्फेट आयन का अपचयन करता है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

एंजाइम उत्प्रेरण (enzyme catalysis) की विशेषताओं को समझाइए।

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