(N/A) जब दो द्रवों के क्वथनांकों के बीच का अंतर बहुत कम होता है,तो उन्हें अलग करने के लिए आंशिक आसवन तकनीक का उपयोग किया जाता है।
इस प्रक्रिया में,द्रव मिश्रण को एक राउंड बॉटम $(R.B.)$ फ्लास्क में लिया जाता है और धीरे-धीरे गर्म किया जाता है। मिश्रण की वाष्प को संघनन से पहले एक आंशिक आसवन कॉलम (fractionating column) से गुजारा जाता है। इस कॉलम को $R.B.$ फ्लास्क के मुख पर लगाया जाता है।
जैसे-जैसे वाष्प कॉलम में ऊपर उठती है,उसका बार-बार संघनन और वाष्पीकरण होता है। उच्च क्वथनांक वाले द्रव की वाष्प जल्दी संघनित होकर फ्लास्क में वापस लौट आती है,जबकि निम्न क्वथनांक वाले द्रव की वाष्प कॉलम के शीर्ष तक पहुँच जाती है।
इस प्रकार,कॉलम के शीर्ष पर पहुँचने वाली वाष्प में अधिक वाष्पशील घटक (निम्न क्वथनांक वाला द्रव) की मात्रा अधिक हो जाती है। अंत में,इस वाष्प को संघनित करके अलग पात्र में एकत्र कर लिया जाता है।