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Secondary growth Questions in Hindi

Class 11 Biology · Anatomy of Flowering Plants · Secondary growth

397+

Questions

Hindi

Language

100%

With Solutions

Showing 50 of 397 questions in Hindi

151
MediumMCQ
वातरंध्र (Lenticels) ........... होते हैं।
A
तने पर निशान
B
विशिष्ट रंध्र
C
छाल में वायवीय छिद्र
D
जलोद्भिद पौधों पर विशेष प्रकार के रंध्र

Solution

(C) वातरंध्र (Lenticels) काष्ठीय तनों और जड़ों की छाल में पाए जाने वाले मसूर के आकार के छिद्र होते हैं।
इनका निर्माण कॉर्क कैम्बियम (फेल्लोन) की सक्रियता से होता है,जो कॉर्क कोशिकाओं के स्थान पर ढीले रूप से व्यवस्थित मृदूतकीय कोशिकाओं का निर्माण करते हैं,जिन्हें पूरक कोशिकाएं (complementary cells) कहा जाता है।
ये छिद्र तने के आंतरिक ऊतकों और बाहरी वातावरण के बीच गैसों के विनिमय की अनुमति देते हैं,जिससे श्वसन की प्रक्रिया सुगम होती है।
152
MediumMCQ
वार्षिक वलय ......... के बैंड हैं।
A
द्वितीयक वल्कुट और त्वक्षा
B
सभी द्वितीयक संवहनी ऊतक
C
द्वितीयक जाइलम और जाइलम किरणें
D
द्वितीयक फ्लोएम और मज्जा किरणें

Solution

(C) वार्षिक वलय,जिन्हें वृद्धि वलय भी कहा जाता है,समशीतोष्ण क्षेत्रों में संवहनी एधा (vascular cambium) की विभेदित गतिविधि के कारण बनते हैं।
वसंत ऋतु के दौरान,एधा बहुत सक्रिय होती है और चौड़ी वाहिकाओं के साथ बड़ी संख्या में जाइलम तत्व उत्पन्न करती है,जिससे वसंत काष्ठ (early wood) का निर्माण होता है।
सर्दियों में,एधा कम सक्रिय होती है और संकरी वाहिकाओं के साथ कम जाइलम तत्व उत्पन्न करती है,जिससे शरद काष्ठ (late wood) का निर्माण होता है।
ये दो प्रकार के काष्ठ तने के अनुप्रस्थ काट में संकेंद्रित वलयों के रूप में दिखाई देते हैं,जो मिलकर एक वार्षिक वलय बनाते हैं।
अतः,वार्षिक वलय मुख्य रूप से द्वितीयक जाइलम और जाइलम किरणों से बने होते हैं।
153
MediumMCQ
एकबीजपत्री पौधों में ग्राफ्टिंग (कलम लगाना) संभव नहीं है,क्योंकि...
A
संवहन बंडल बिखरे हुए होते हैं।
B
संवहन बंडल अवर्धमान (Closed) होते हैं।
C
अधस्त्वचा दृढ़ोतक (Sclerenchymatous) होती है।
D
संवहन बंडल वर्धमान (Open) होते हैं।

Solution

(B) ग्राफ्टिंग दो अलग-अलग पौधों के हिस्सों को जोड़ने की एक तकनीक है ताकि वे एक ही पौधे के रूप में विकसित हो सकें।
सफल ग्राफ्टिंग के लिए,स्टॉक (Stock) और सायन (Scion) के संवहनी एधा (Vascular cambium) का निकट संपर्क में होना आवश्यक है ताकि नई संवहनी ऊतकों (जाइलम और फ्लोएम) का निर्माण हो सके और दोनों हिस्सों का मिलन सुनिश्चित हो सके।
एकबीजपत्री पौधों में,संवहन बंडल 'अवर्धमान' (Closed) होते हैं,जिसका अर्थ है कि उनमें संवहनी एधा का अभाव होता है।
चूंकि उनमें एधा नहीं होती है,इसलिए वे द्वितीयक वृद्धि नहीं कर सकते हैं और न ही स्टॉक और सायन के बीच नए संवहनी संबंध बना सकते हैं,जिससे ग्राफ्टिंग असंभव हो जाती है।
154
EasyMCQ
$Dendrochronology$ (डेंड्रोक्रोनोलॉजी) किसका अध्ययन है?
A
वृक्ष की ऊँचाई
B
वृक्ष का व्यास
C
वार्षिक वलयों के आधार पर वृक्ष की आयु
D
शाखाओं की संख्या की गणना

Solution

(C) $Dendrochronology$ (डेंड्रोक्रोनोलॉजी) वृक्ष के वलयों (जिन्हें वृद्धि वलय भी कहा जाता है) के निर्माण के सटीक वर्ष का पता लगाने की वैज्ञानिक विधि है। इन वार्षिक वलयों के पैटर्न का विश्लेषण करके,वैज्ञानिक वृक्ष की आयु निर्धारित कर सकते हैं और पिछली जलवायु परिस्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए,यह वार्षिक वलयों के आधार पर वृक्ष की आयु निर्धारित करने का अध्ययन है।
155
MediumMCQ
कथन-$1$: हार्टवुड (Heartwood),सैपवुड (Sapwood) की तुलना में अधिक टिकाऊ और सूक्ष्मजीवों तथा कीटों के हमलों के प्रति प्रतिरोधी होता है।
कथन-$2$: हार्टवुड में तेल,सुगंधित पदार्थ,गोंद,रेजिन,टैनिन और फिनोल जैसे कार्बनिक यौगिक होते हैं।
A
कथन-$1$ गलत है,कथन-$2$ सही है।
B
कथन-$1$ सही है,कथन-$2$ सही है। कथन-$2$,कथन-$1$ की सही व्याख्या है।
C
कथन-$1$ सही है,कथन-$2$ गलत है।
D
कथन-$1$ सही है,कथन-$2$ सही है। कथन-$2$,कथन-$1$ की सही व्याख्या नहीं है।

Solution

(B) हार्टवुड (Heartwood) द्वितीयक जाइलम का केंद्रीय और गहरे रंग का भाग है जो जल और खनिजों का संवहन करना बंद कर देता है।
इसमें तेल,सुगंधित पदार्थ,गोंद,रेजिन,टैनिन और फिनोल जैसे कार्बनिक पदार्थों के जमा होने के कारण यह सूक्ष्मजीवों और कीटों के हमलों के प्रति टिकाऊ और प्रतिरोधी बन जाता है।
सैपवुड (Sapwood) द्वितीयक जाइलम का परिधीय और हल्के रंग का भाग है जो जल और खनिजों के संवहन में शामिल होता है।
चूंकि कथन-$2$,कथन-$1$ में उल्लिखित स्थायित्व के पीछे के रासायनिक कारण की व्याख्या करता है,इसलिए कथन-$2$,कथन-$1$ की सही व्याख्या है।
156
MCQ
खुले (Open) संवहनी बंडलों में .......... का अभाव होता है।
A
एधा (Cambium)
B
मज्जा (Pith)
C
भरण ऊतक (Ground tissue)
D
संयोजी ऊतक (Connective tissue)

Solution

(A) पादपों में,संवहनी बंडलों को एधा (Cambium) की उपस्थिति या अनुपस्थिति के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
$1$. बंद (Closed) संवहनी बंडलों में एधा का अभाव होता है और ये आमतौर पर एकबीजपत्री तनों में पाए जाते हैं।
$2$. खुले (Open) संवहनी बंडलों में जाइलम और फ्लोएम के बीच एधा मौजूद होती है,जो द्वितीयक वृद्धि की अनुमति देती है।
$3$. प्रश्न पूछता है कि खुले संवहनी बंडलों में किसका अभाव होता है; हालाँकि,मानक जैविक परिभाषा यह है कि 'बंद' संवहनी बंडलों में एधा का अभाव होता है।
$4$. दिए गए विकल्पों को देखते हुए,प्रश्न संभवतः 'बंद' बंडलों की विशेषता के बारे में पूछना चाहता है। चूंकि खुले बंडलों में एधा होती है,इसलिए उनमें इसका अभाव नहीं होता है। दिए गए विकल्पों में से,'एधा' ही वह कारक है जो 'खुले' और 'बंद' वर्गीकरण को निर्धारित करता है।
157
MediumMCQ
वाहिकाओं (vessels) के साथ जुड़े मृदूतक (parenchyma) कोशिकाओं वाले काष्ठ को ........... कहा जाता है।
A
पैराट्रैकियल (Paratracheal)
B
एपोट्रैकियल (Apotracheal)
C
सिंट्रैकियल (Syntracheal)
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) द्वितीयक काष्ठ (secondary xylem) में,वाहिकाओं के संबंध में अक्षीय मृदूतक की व्यवस्था मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:
$1$. पैराट्रैकियल: जब मृदूतक कोशिकाएं वाहिकाओं के साथ जुड़ी होती हैं।
$2$. एपोट्रैकियल: जब मृदूतक कोशिकाएं वाहिकाओं के साथ नहीं जुड़ी होती हैं (अर्थात,वे वाहिकाओं से स्वतंत्र रूप से बिखरी हुई या बैंड में होती हैं)।
इसलिए,मृदूतक कोशिकाओं के साथ जुड़े काष्ठ को पैराट्रैकियल कहा जाता है।
158
EasyMCQ
एकबीजपत्री तने में द्वितीयक वृद्धि नहीं होती है क्योंकि संवहनी बंडल ..... होते हैं।
A
प्रकीर्ण
B
वर्धी
C
अवर्धी
D
अरीय

Solution

(C) एकबीजपत्री तनों में, संवहनी बंडलों को $\text{अवर्धी}$ (closed) कहा जाता है क्योंकि उनमें जाइलम और फ्लोएम के बीच एधा (cambium) परत का अभाव होता है। $\text{द्वितीयक}$ $\text{वृद्धि}$ संवहनी एधा की गतिविधि का परिणाम है, जो द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम का उत्पादन करती है। चूंकि एकबीजपत्री संवहनी बंडलों में इस एधा का अभाव होता है, इसलिए वे द्वितीयक वृद्धि करने में असमर्थ होते हैं।
159
MediumMCQ
एक सामान्य द्विबीजपत्री तने में,कॉर्क कैम्बियम $(phellogen)$ का विकास कहाँ से होता है?
A
वल्कुट (Cortex)
B
अधिचर्म (Epidermis)
C
अंतस्त्वचा कोशिकाएं
D
अधिचर्म और परिरंभ कोशिकाएं

Solution

(A) एक सामान्य द्विबीजपत्री तने में,द्वितीयक वृद्धि संवहनी एधा (vascular cambium) और कॉर्क कैम्बियम $(phellogen)$ की सक्रियता के कारण होती है।
जैसे-जैसे संवहनी एधा की सक्रियता के कारण तने की मोटाई बढ़ती है,बाहरी वल्कुट (cortex) और अधिचर्म (epidermis) की परतें टूट जाती हैं और सुरक्षा प्रदान करने के लिए उन्हें बदलने की आवश्यकता होती है।
इन्हें बदलने के लिए,वल्कुट क्षेत्र में कॉर्क कैम्बियम या $phellogen$ नामक एक विभज्योतक ऊतक विकसित होता है।
अतः,$phellogen$ सामान्यतः वल्कुट (cortex) की कोशिकाओं से उत्पन्न होता है।
160
MediumMCQ
यदि आम के पेड़ के तने में जमीन से $2 \ m$ की ऊंचाई पर एक कील लगाई जाए,तो $5$ वर्ष बाद कील की ऊंचाई क्या होगी?
A
$3 \ m$
B
$5 \ m$
C
$10 \ m$
D
कील $2 \ m$ की समान ऊंचाई पर ही रहेगी।

Solution

(D) पौधे की ऊंचाई में वृद्धि मुख्य रूप से प्ररोह और जड़ के शीर्ष पर स्थित विभज्योतक (apical meristem) की गतिविधि के कारण होती है।
द्वितीयक वृद्धि,जो तने की मोटाई (घेरा) बढ़ाती है,संवहनी एधा (vascular cambium) और कॉर्क एधा (cork cambium) की गतिविधि के कारण होती है।
जब कील को तने में लगाया जाता है,तो वह द्वितीयक जाइलम (लकड़ी) में धंस जाती है।
जैसे-जैसे पेड़ $5$ वर्षों में मोटाई में बढ़ता है,कील बाहर की ओर धकेली जाएगी,लेकिन जमीन के सापेक्ष इसकी ऊर्ध्वाधर स्थिति नहीं बदलेगी क्योंकि तना आधार या मध्य से लंबा नहीं होता है; यह केवल शीर्षस्थ विभज्योतक पर ही लंबा होता है।
इसलिए,कील $2 \ m$ की समान ऊंचाई पर ही रहेगी।
161
MediumMCQ
द्वितीयक वृद्धि ......... की गतिविधि का परिणाम है।
A
अंतर्वेशी विभज्योतक से नए ऊतक
B
नई संवहनी कोशिकाएं
C
पार्श्व विभज्योतक से नए ऊतक
D
नई भरण ऊतक

Solution

(C) पादपों में द्वितीयक वृद्धि का अर्थ है पादप शरीर की मोटाई या घेरे में होने वाली वृद्धि।
यह प्रक्रिया मुख्य रूप से पार्श्व विभज्योतक (lateral meristem) की गतिविधि द्वारा संचालित होती है,जिसमें संवहनी एधा (vascular cambium) और कॉर्क एधा (cork cambium या phellogen) शामिल हैं।
संवहनी एधा द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम का उत्पादन करती है,जबकि कॉर्क एधा परित्वक (कॉर्क और फेलोजेन) का उत्पादन करती है।
अतः,द्वितीयक वृद्धि पार्श्व विभज्योतक की गतिविधि का परिणाम है।
162
EasyMCQ
व्यावसायिक कॉर्क .........से प्राप्त किया जाता है।
A
क्वेरकस सुबेर (Quercus suber)
B
कैलोट्रोपिस (आक)
C
पाइन
D
पीपल (Ficus)

Solution

(A) व्यावसायिक कॉर्क $Quercus$ $suber$ नामक वृक्ष की छाल से प्राप्त किया जाता है, जिसे सामान्यतः कॉर्क ओक के रूप में जाना जाता है।
कॉर्क का निर्माण फेलोजन (कॉर्क कैम्बियम) द्वारा होता है, जो बाहरी तरफ सुबेरिनयुक्त कोशिकाओं की एक मोटी परत बनाता है।
इस ऊतक को वृक्ष को मारे बिना समय-समय पर काटा जाता है, जिससे यह प्राकृतिक कॉर्क का एक स्थायी स्रोत बन जाता है।
163
MediumMCQ
गलत कथन का चयन करें।
A
वातरंध्र (Lenticels) लगभग सभी काष्ठीय वृक्षों में पाए जाते हैं।
B
छाल (Bark) एक गैर-तकनीकी शब्द है।
C
संवहन एधा और कॉर्क एधा पार्श्व विभज्योतक के उदाहरण हैं।
D
इनमें से कोई नहीं।

Solution

(D) $1$. वातरंध्र काष्ठीय तनों की छाल में पाए जाने वाले लेंस के आकार के छिद्र होते हैं,जो गैसों के आदान-प्रदान में मदद करते हैं। यह कथन सही है।
$2$. 'छाल' एक गैर-तकनीकी शब्द है जो संवहन एधा के बाहर के सभी ऊतकों के लिए उपयोग किया जाता है,जिसमें द्वितीयक फ्लोएम,परित्वक और कॉर्क शामिल हैं। यह कथन सही है।
$3$. संवहन एधा और कॉर्क एधा पौधों में द्वितीयक वृद्धि के लिए जिम्मेदार होते हैं और इन्हें पार्श्व विभज्योतक के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यह कथन सही है।
$4$. चूंकि दिए गए सभी कथन वैज्ञानिक रूप से सटीक हैं,इसलिए सही विकल्प 'इनमें से कोई नहीं' है।
164
MediumMCQ
पूरक कोशिकाएं .......... की सक्रियता से बनती हैं।
A
संवहनीय एधा
B
अंतरापूलीय एधा
C
कॉर्क एधा
D
पूलीय एधा

Solution

(C) पूरक कोशिकाएं पतली भित्ति वाली मृदूतकीय कोशिकाएं होती हैं,जो वातरंध्र (lenticels) के क्षेत्र में कॉर्क एधा (phellogen) की सक्रियता से उत्पन्न होती हैं।
ये कोशिकाएं ढीली रूप से व्यवस्थित होती हैं और तने के आंतरिक ऊतकों तथा बाहरी वातावरण के बीच गैसों के विनिमय में सहायता करती हैं।
अतः,सही विकल्प $C$ (कॉर्क एधा) है।
165
MediumMCQ
एधा (कैम्बियम) की सक्रियता के कारण निम्नलिखित में से किसमें वृद्धि होती है?
A
लंबाई
B
चौड़ाई
C
परिधि
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) एधा (कैम्बियम),विशेष रूप से संवहनी एधा,द्विबीजपत्री पौधों में पाया जाने वाला एक पार्श्व विभज्योतक ऊतक है।
इसका मुख्य कार्य द्वितीयक वृद्धि करना है,जिसमें अंदर की ओर द्वितीयक जाइलम और बाहर की ओर द्वितीयक फ्लोएम का निर्माण होता है।
द्वितीयक ऊतकों के इस निरंतर जुड़ने के कारण तने और जड़ के घेरे (व्यास) में वृद्धि होती है।
अतः,एधा की सक्रियता पादप शरीर की चौड़ाई (घेरे) में वृद्धि करती है।
166
MediumMCQ
कॉर्क (त्वक्षा) बोतल के ढक्कन (स्टॉपर) बनाने के लिए सबसे अच्छा पदार्थ है क्योंकि .....................
A
यह सस्ता है
B
यह आसानी से उपलब्ध है
C
यह वायुरोधी (airtight) है
D
यह हल्का है

Solution

(C) कॉर्क $Quercus \text{ } suber$ जैसे पेड़ों की छाल के फेलेम (कॉर्क) ऊतक से प्राप्त होता है।
यह मृत कोशिकाओं से बना होता है, जिनकी कोशिका भित्ति सुबेरिन से ढकी होती है।
सुबेरिन एक वसायुक्त पदार्थ है जो कोशिका भित्ति को पानी और गैसों के लिए अभेद्य बनाता है।
इस गुण के कारण, कॉर्क वायुरोधी होता है और इसमें से तरल या गैसें नहीं गुजर सकतीं, जो इसे बोतल के ढक्कन बनाने के लिए एक आदर्श सामग्री बनाता है।
167
MediumMCQ
द्वितीयक जाइलम की सबसे तरुण (नई) परत ............. में स्थित होती है।
A
तने के केंद्र में
B
मज्जा (pith) के ठीक बाहर
C
संवहनी एधा (vascular cambium) के ठीक बाहर
D
संवहनी एधा (vascular cambium) के ठीक अंदर

Solution

(D) संवहनी एधा एक पार्श्व विभज्योतक (lateral meristem) है जो अंदर की ओर द्वितीयक जाइलम और बाहर की ओर द्वितीयक फ्लोएम का निर्माण करती है।
जैसे-जैसे संवहनी एधा विभाजित होती रहती है,यह एधा वलय के अंदर की ओर द्वितीयक जाइलम की नई परतें जोड़ती जाती है।
इसलिए,द्वितीयक जाइलम की सबसे हाल ही में बनी (तरुण) परत हमेशा संवहनी एधा के ठीक अंदर स्थित होती है,जबकि पुरानी परतें तने के केंद्र की ओर धकेल दी जाती हैं।
168
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसमें असामान्य द्वितीयक वृद्धि देखी जाती है?
A
ड्रेसीना $(Dracaena)$
B
गेहूं
C
अदरक
D
धान

Solution

(A) असामान्य द्वितीयक वृद्धि द्विबीजपत्री तनों में पाई जाने वाली सामान्य द्वितीयक वृद्धि के पैटर्न से एक विचलन है।
एकबीजपत्री पौधों में आमतौर पर द्वितीयक वृद्धि अनुपस्थित होती है।
हालाँकि,$Dracaena$,$Yucca$ और $Aloe$ जैसे कुछ एकबीजपत्री पौधों में वल्कुट (cortex) में द्वितीयक एधा (secondary cambium) के निर्माण के कारण असामान्य द्वितीयक वृद्धि देखी जाती है,जो संवहनी बंडल और मृदूतक (parenchyma) का निर्माण करती है।
इसलिए,$Dracaena$ सही उत्तर है।
169
MediumMCQ
जब एक पुराना वृक्ष बढ़ता है,तो किसकी मोटाई में सबसे तेजी से वृद्धि होती है?
A
हृदय काष्ठ (Heartwood)
B
रस काष्ठ (Sapwood)
C
वल्कुट (Cortex)
D
फ्लोएम (Phloem)

Solution

(B) काष्ठीय द्विबीजपत्री तनों में,संवहनी एधा (vascular cambium) की सक्रियता के कारण द्वितीयक वृद्धि होती है।
जैसे-जैसे वृक्ष पुराना होता है,द्वितीयक जाइलम की आंतरिक परतें अक्रियाशील हो जाती हैं और उनमें टैनिन,रेजिन और तेल भर जाते हैं,जिससे हृदय काष्ठ (heartwood) का निर्माण होता है।
द्वितीयक जाइलम की बाहरी परतें,जो रंग में हल्की होती हैं और जल तथा खनिजों के संवहन में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं,उन्हें रस काष्ठ (sapwood) कहा जाता है।
द्वितीयक वृद्धि के दौरान,संवहनी एधा बाहर की ओर फ्लोएम की तुलना में अंदर की ओर अधिक द्वितीयक जाइलम का उत्पादन करती है।
परिणामस्वरूप,जैसे-जैसे वृक्ष बढ़ता है,रस काष्ठ की परत लगातार जमा होती रहती है और इसकी मोटाई में सबसे तेजी से वृद्धि होती है।
170
EasyMCQ
व्यावसायिक कॉर्क (Commercial cork) निम्नलिखित में से किससे प्राप्त किया जाता है?
A
जुग्लान्स रेजिया (Juglans regia)
B
बेटुला अल्बा (Betula alba)
C
हेविया ब्रासीलिएन्सिस (Hevea brasiliensis)
D
क्वेरकस सुबेर (Quercus suber)

Solution

(D) व्यावसायिक कॉर्क $Quercus \ suber$ नामक कॉर्क ओक वृक्ष की छाल से प्राप्त किया जाता है।
यह वृक्ष मूल रूप से दक्षिण-पश्चिमी यूरोप और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका का निवासी है।
कॉर्क को परित्वक (periderm) के फेलेम (phellem) स्तर से प्राप्त किया जाता है,जिसका निर्माण कॉर्क कैम्बियम (phellogen) द्वारा होता है।
171
MediumMCQ
वृक्षों के तनों में,जल का संवहन मुख्य रूप से किसके द्वारा होता है........
A
हृदयकाष्ठ (Heartwood)
B
वाष्पोत्सर्जन (Transpiration)
C
प्राथमिक जाइलम (Primary xylem)
D
जाइलम (Xylem)

Solution

(D) वृक्षों के तनों में,जल का संवहन मुख्य रूप से $Xylem$ (जाइलम) ऊतक द्वारा होता है। विशेष रूप से,परिपक्व वृक्षों में,जल का सक्रिय संवहन $Sapwood$ (रसकाष्ठ) द्वारा होता है,जो द्वितीयक $Xylem$ का बाहरी कार्यात्मक भाग है। $Heartwood$ (हृदयकाष्ठ) आंतरिक,गैर-कार्यात्मक भाग है जो केवल यांत्रिक सहारा प्रदान करता है लेकिन जल का संवहन नहीं करता है। $Transpiration$ (वाष्पोत्सर्जन) वह प्रक्रिया है जो जल को ऊपर की ओर खींचने के लिए आवश्यक 'वाष्पोत्सर्जन खिंचाव' (transpiration pull) उत्पन्न करती है,लेकिन यह स्वयं संवहन का मार्ग नहीं है। अतः,$Xylem$ ही जल परिवहन के लिए उत्तरदायी ऊतक है।
172
EasyMCQ
हर वर्ष उत्पन्न होने वाले द्वितीयक जाइलम की मात्रा द्वितीयक फ्लोएम की तुलना में कितनी होती है?
A
समान
B
$8-10$ गुना
C
आधा
D
$4-5$ गुना

Solution

(B) द्विबीजपत्री तनों में,संवहनी एधा (vascular cambium) बाहर की तुलना में अंदर की ओर अधिक सक्रिय होती है।
परिणामस्वरूप,उत्पन्न द्वितीयक जाइलम की मात्रा द्वितीयक फ्लोएम की तुलना में काफी अधिक होती है।
आमतौर पर,द्वितीयक जाइलम हर साल द्वितीयक फ्लोएम से $8-10$ गुना अधिक उत्पन्न होता है।
इसलिए,सही विकल्प $B$ है।
173
EasyMCQ
शल्क छाल (Scaly bark) ...........में पाई जाती है।
A
यूकेलिप्टस
B
बेटुला (Betula)
C
सिडियम (Psidium)
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) छाल एक गैर-तकनीकी शब्द है जो संवहनी एम्बियम (vascular cambium) के बाहर के सभी ऊतकों को संदर्भित करता है,जिसमें द्वितीयक फ्लोएम और पेरीडर्म शामिल हैं।
कुछ पेड़ों में,पेरीडर्म पतली,कागज जैसी या अनियमित परतों में झड़ जाती है,जिसे शल्क छाल (scaly bark) के रूप में जाना जाता है।
$Betula$ (बर्च) शल्क छाल वाले पेड़ का एक उत्कृष्ट उदाहरण है,जहाँ पेरीडर्म की बाहरी परतें पतली,कागज जैसी परतों के रूप में निकल जाती हैं।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
174
MediumMCQ
शरदकाष्ठ (Late wood) को वसंतकाष्ठ (Early wood) से किसकी उपस्थिति द्वारा अलग किया जाता है?
A
चौड़ी वाहिकाएं और वाहिनिकाएं
B
संकीर्ण वाहिकाएं और वाहिनिकाएं
C
जाइलम ऊतक का लाल रंग
D
एधा (Cambium)

Solution

(B) शीतोष्ण क्षेत्रों में,जलवायु परिस्थितियाँ पूरे वर्ष एक समान नहीं होती हैं। वसंत ऋतु के दौरान,एधा (Cambium) बहुत सक्रिय होती है और बड़ी संख्या में जाइलम तत्व उत्पन्न करती है जिसमें चौड़ी गुहा वाली वाहिकाएं होती हैं,जिसे वसंतकाष्ठ (Early wood) कहा जाता है।
सर्दियों के दौरान,एधा कम सक्रिय होती है और कम जाइलम तत्व उत्पन्न करती है जिसमें संकीर्ण वाहिकाएं होती हैं,जिसे शरदकाष्ठ (Late wood) कहा जाता है।
इसलिए,शरदकाष्ठ को वसंतकाष्ठ से संकीर्ण वाहिकाओं और वाहिनिकाओं की उपस्थिति द्वारा अलग किया जाता है।
175
EasyMCQ
वाहिकाओं की गुहा में मृदूतकीय कोशिकाओं की गुब्बारे जैसी बाह्य वृद्धि को .......के रूप में जाना जाता है।
A
हिस्टोजन
B
टायलोसिस
C
फेलेम
D
त्वचा

Solution

(B) पुराने द्विबीजपत्री तनों में,जाइलम वाहिकाओं की गुहा अक्सर आसपास की मृदूतकीय (parenchyma) कोशिकाओं की गुब्बारे जैसी वृद्धि से अवरुद्ध हो जाती है,जो गर्त (pits) के माध्यम से वाहिका में प्रवेश करती हैं। इन संरचनाओं को $Tyloses$ (टायलोसिस) के रूप में जाना जाता है। ये रोगजनकों के प्रसार को रोकने और हार्टवुड (हृदयकाष्ठ) में जल चालन को कम करने में भूमिका निभाते हैं।
176
MediumMCQ
द्विबीजपत्री जड़ों में द्वितीयक वृद्धि की शुरुआत के दौरान सबसे पहली घटना क्या होती है?
A
जाइलम और फ्लोएम के बीच संवहनी एधा (vascular cambium) विकसित होती है।
B
प्राथमिक जाइलम के बाहर स्थित परिरंभ (pericycle) कोशिकाएं विभाजित होने लगती हैं।
C
परिनतिक विभाजन होते हैं,जिससे एधा का छल्ला पूर्ण हो जाता है।
D
जाइलम और फ्लोएम के बीच स्थित मृदूतकीय (parenchymatous) कोशिकाएं विभज्योतकी (meristematic) हो जाती हैं।

Solution

(D) द्विबीजपत्री जड़ों में द्वितीयक वृद्धि की शुरुआत संवहनी एधा के निर्माण से होती है।
$1$. यह प्रक्रिया तब शुरू होती है जब फ्लोएम बंडलों के ठीक नीचे स्थित मृदूतकीय कोशिकाएं विभज्योतकी हो जाती हैं।
$2$. ये कोशिकाएं विभाजित होकर संवहनी एधा की पट्टियां बनाती हैं।
$3$. साथ ही,आदिदारु (protoxylem) के बाहर स्थित परिरंभ कोशिकाएं भी विभज्योतकी हो जाती हैं।
$4$. ये दोनों प्रकार के विभज्योतकी ऊतक अंततः जुड़कर संवहनी एधा का एक निरंतर,लहरदार छल्ला बनाते हैं।
अतः,सबसे पहली घटना जाइलम और फ्लोएम के बीच स्थित मृदूतकीय कोशिकाओं का विभज्योतकी ऊतक में परिवर्तित होना है।
177
MediumMCQ
अंतःपूलीय एधा (Interfascicular cambium) ........... के बीच स्थित होती है।
A
संवहन बंडल
B
संवहन बंडल के अंदर की ओर
C
संवहन बंडल के बाहर की ओर
D
मज्जा

Solution

(A) द्विबीजपत्री तनों में संवहनी एधा का निर्माण अंतःपूलीय एधा (जो संवहन बंडलों के भीतर मौजूद होती है) और अंतःपूलीय एधा (जो संवहन बंडलों के बीच स्थित मज्जा किरणों की कोशिकाओं के विविधीकरण से बनती है) के मिलन से होता है।
इस प्रकार,अंतःपूलीय एधा विशेष रूप से संवहन बंडलों के बीच स्थित होती है ताकि एधा वलय को पूरा किया जा सके।
178
MCQ
कुछ संवहनी बंडलों को 'खुला' (open) कहा जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे:
A
परिरंभ (pericycle) से घिरे नहीं होते हैं।
B
परिरंभ से घिरे होते हैं लेकिन अंतस्त्वचा (endodermis) नहीं होती है।
C
द्वितीयक जाइलम और फ्लोएम का उत्पादन करने में सक्षम होते हैं।
D
जाइलम और फ्लोएम के बीच संयोजी ऊतक रखते हैं।

Solution

(C) संवहनी बंडलों में जब जाइलम और फ्लोएम के बीच एधा (cambium) मौजूद होती है,तो उन्हें खुला (open) संवहनी बंडल कहा जाता है।
ये एधा कोशिकाएं विभाजित होकर द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम ऊतकों का निर्माण करती हैं,जो पौधे की द्वितीयक वृद्धि के लिए उत्तरदायी होते हैं।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
179
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसमें हृदयकाष्ठ (heartwood) और रसकाष्ठ (sapwood) के बीच विभेदन नहीं देखा जाता है?
A
नीम
B
अशोक
C
आम
D
ताड़ (Palm)

Solution

(D) काष्ठीय द्विबीजपत्री पौधों में,द्वितीयक वृद्धि के कारण हृदयकाष्ठ (heartwood) और रसकाष्ठ (sapwood) का निर्माण होता है। हृदयकाष्ठ लकड़ी का केंद्रीय,अक्रियाशील और गहरे रंग का भाग होता है,जबकि रसकाष्ठ परिधीय,क्रियाशील और हल्के रंग का भाग होता है। एकबीजपत्री पौधों,जैसे कि ताड़ (Palm),में संवहनी एधा (vascular cambium) के अभाव के कारण द्वितीयक वृद्धि नहीं होती है। इसलिए,उनमें द्वितीयक जाइलम का निर्माण नहीं होता है और परिणामस्वरूप,उनमें हृदयकाष्ठ और रसकाष्ठ के बीच कोई विभेदन नहीं होता है।
180
MediumMCQ
वातरंध्र (lenticels) की पूरक कोशिकाएं (complementary cells) ........से विकसित होती हैं।
A
कागजन (Phellogen)
B
अधिचर्म (Epidermis)
C
अंतस्त्वचा (Endodermis)
D
काग-अस्तर (Phelloderm)

Solution

(A) वातरंध्र काष्ठीय तनों की छाल में पाए जाने वाले मसूर के आकार के छिद्र होते हैं।
द्वितीयक वृद्धि के दौरान,कागजन (कॉर्क कैम्बियम) दोनों तरफ कोशिकाओं का निर्माण करता है।
बाहर की ओर बनने वाली कोशिकाओं को काग (कॉर्क) कहा जाता है और अंदर की ओर बनने वाली कोशिकाओं को काग-अस्तर (द्वितीयक वल्कुट) कहा जाता है।
वातरंध्र के क्षेत्र में,कागजन काग कोशिकाओं के बजाय बाहर की ओर मृदूतकीय कोशिकाओं का निर्माण करता है जो एक-दूसरे के निकट व्यवस्थित होती हैं। इन कोशिकाओं को पूरक कोशिकाएं कहा जाता है।
अतः,पूरक कोशिकाएं कागजन (कॉर्क कैम्बियम) से विकसित होती हैं।
181
MediumMCQ
त्वक्षैधा (phellogen) का कार्य ........ को उत्पन्न करना है।
A
द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम
B
कॉर्क (phellem) और द्वितीयक वल्कुट (phelloderm)
C
द्वितीयक फ्लोएम और द्वितीयक वल्कुट
D
कॉर्क (phellem)

Solution

(B) त्वक्षैधा (phellogen) या कॉर्क कैम्बियम एक विभज्योतक ऊतक है जो द्विबीजपत्री तनों में द्वितीयक वृद्धि के दौरान वल्कुट (cortex) क्षेत्र में विकसित होता है।
यह दोनों तरफ कोशिकाओं को काटता है:
$1$. बाहरी तरफ काटी गई कोशिकाएं कॉर्क (phellem) में विभेदित हो जाती हैं,जो सुबेरिन जमा होने के कारण पानी के लिए अभेद्य होती हैं।
$2$. आंतरिक तरफ काटी गई कोशिकाएं द्वितीयक वल्कुट (phelloderm) में विभेदित हो जाती हैं।
सामूहिक रूप से,त्वक्षैधा,कॉर्क और द्वितीयक वल्कुट को परिचर्म (periderm) के रूप में जाना जाता है।
182
EasyMCQ
सामान्य बोतल कॉर्क ............ की उपज है।
A
जाइलम
B
संवहनीय एधा
C
त्वचाजन
D
कॉर्क एधा

Solution

(D) सामान्य बोतल कॉर्क $Quercus \text{ } suber$ (कॉर्क ओक) नामक वृक्ष की छाल से प्राप्त किया जाता है।
कॉर्क का निर्माण कॉर्क एधा $(phellogen)$ की सक्रियता द्वारा होता है।
$phellogen$ बाहर की ओर कोशिकाएं काटता है जो $phellem$ (कॉर्क) बनाती हैं, जो मृत और सुबेरिनयुक्त होती हैं, जिससे यह पानी और गैसों के लिए अभेद्य हो जाती हैं।
अतः, कॉर्क कॉर्क एधा $(phellogen)$ की उपज है।
183
EasyMCQ
काष्ठ (wood) के अध्ययन को ........... कहा जाता है।
A
शारीरिकी (Anatomy)
B
आकारिकी (Morphology)
C
ऊतक विज्ञान (Histology)
D
काष्ठ विज्ञान (Xylology)

Solution

(D) काष्ठ (wood),जो मुख्य रूप से द्वितीयक जाइलम (secondary xylem) है,के अध्ययन को $Xylology$ (काष्ठ विज्ञान) कहा जाता है।
$Anatomy$ (शारीरिकी) जीवों की आंतरिक संरचना का अध्ययन है।
$Morphology$ (आकारिकी) जीवों के बाहरी स्वरूप और संरचना का अध्ययन है।
$Histology$ (ऊतक विज्ञान) ऊतकों का अध्ययन है।
अतः,काष्ठ के अध्ययन के लिए सही शब्द $Xylology$ है।
184
MediumMCQ
विसरित छिद्रीय काष्ठ (Diffuse-porous wood) ......... में उगने वाले पौधों की एक विशेषता है।
A
अल्पाइन क्षेत्र
B
शीत क्षेत्र
C
उष्णकटिबंधीय क्षेत्र
D
शीतोष्ण क्षेत्र

Solution

(C) विसरित छिद्रीय काष्ठ (Diffuse-porous wood) लकड़ी का एक प्रकार है जिसमें वाहिकाएं (vessels) पूरे वृद्धि वलय (growth ring) में समान रूप से वितरित होती हैं।
इस प्रकार की लकड़ी आमतौर पर उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगने वाले पौधों में पाई जाती है,जहां पर्यावरणीय स्थितियां पूरे वर्ष अपेक्षाकृत स्थिर रहती हैं,जिससे स्पष्ट प्रारंभिक काष्ठ (early wood) और पश्च काष्ठ (late wood) के निर्माण के बिना निरंतर वृद्धि होती है।
इसके विपरीत,शीतोष्ण क्षेत्रों में स्पष्ट मौसमी परिवर्तन होते हैं,जो रिंग-पोरस (ring-porous) काष्ठ के निर्माण का कारण बनते हैं।
185
MediumMCQ
.......... की क्रिया के कारण द्वितीयक वृद्धि देखी जाती है।
A
अंत:पुलीय एधा (Intrafascicular cambium)
B
अंतरपुलीय एधा (Interfascicular cambium)
C
कॉर्क एधा (Cork cambium)
D
$A$ और $B$

Solution

(D) द्विबीजपत्री तनों में द्वितीयक वृद्धि मुख्य रूप से संवहनी एधा (vascular cambium) की सक्रियता के कारण होती है।
संवहनी एधा दो प्रकार के विभज्योतक ऊतकों से बनी होती है:
$1$. अंत:पुलीय एधा: जो संवहनी बंडलों के भीतर मौजूद होती है।
$2$. अंतरपुलीय एधा: जो संवहनी बंडलों के बीच मज्जा किरणों (medullary rays) की कोशिकाओं के विविधीकरण से बनती है।
ये दोनों मिलकर संवहनी एधा का एक पूर्ण वलय बनाते हैं,जो द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम के उत्पादन के लिए जिम्मेदार होता है।
इसलिए,$A$ और $B$ दोनों द्वितीयक वृद्धि में योगदान करते हैं।
186
MediumMCQ
किन क्षेत्रों में उगने वाले पौधों में स्पष्ट वार्षिक वलय (annual rings) बनते हैं?
A
शीतोष्ण क्षेत्र
B
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन
C
उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
D
भूमध्यरेखीय क्षेत्र

Solution

(A) वार्षिक वलय जलवायु में मौसमी बदलावों के प्रति संवहनी एधा (vascular cambium) की विभेदक गतिविधि के कारण बनते हैं।
शीतोष्ण क्षेत्रों में,जलवायु में स्पष्ट मौसमी परिवर्तन (वसंत और शरद/शीत ऋतु) होते हैं।
वसंत ऋतु के दौरान,एधा बहुत सक्रिय होती है और चौड़ी गुहा वाली वाहिकाओं के साथ बड़ी संख्या में जाइलम तत्व उत्पन्न करती है,जिसे 'वसंत काष्ठ' (spring wood) या 'प्रारंभिक काष्ठ' कहा जाता है।
सर्दियों में,एधा कम सक्रिय होती है और संकरी वाहिकाओं के साथ कम जाइलम तत्व बनाती है,जिसे 'शरद काष्ठ' (autumn wood) या 'अंतिम काष्ठ' कहा जाता है।
ये दो प्रकार के काष्ठ जो वैकल्पिक संकेंद्रित वलयों के रूप में दिखाई देते हैं,एक वार्षिक वलय का निर्माण करते हैं। इस प्रकार,स्पष्ट वार्षिक वलय शीतोष्ण क्षेत्रों के पौधों की विशेषता है।
187
MediumMCQ
संवहनी एधा (Vascular cambium) .......... है।
A
हमेशा प्राथमिक विभज्योतक
B
हमेशा द्वितीयक विभज्योतक
C
द्वितीयक या प्राथमिक विभज्योतक हो सकता है
D
अर्ध-प्राथमिक या अर्ध-द्वितीयक विभज्योतक

Solution

(C) द्विबीजपत्री तनों में संवहनी एधा मूल रूप से आंशिक रूप से प्राथमिक और आंशिक रूप से द्वितीयक होती है।
$1$. अंतःपुलिय एधा (Intrafascicular cambium),जो संवहनी बंडलों में जाइलम और फ्लोएम के बीच मौजूद होती है,एक प्राथमिक विभज्योतक है क्योंकि यह प्रोकैम्बियम से उत्पन्न होती है।
$2$. द्वितीयक वृद्धि के दौरान,संवहनी बंडलों के बीच मज्जा किरणों की कोशिकाएं विभज्योतक होकर अंतरापुलिय एधा (Interfascicular cambium) बनाती हैं,जो एक द्वितीयक विभज्योतक है।
$3$. ये दोनों मिलकर संवहनी एधा का एक पूर्ण वलय बनाते हैं,इसलिए इसे प्राथमिक और द्वितीयक दोनों प्रकार की उत्पत्ति का माना जाता है।
188
MediumMCQ
रस काष्ठ (Sapwood) का हृदय काष्ठ (Heartwood) में रूपांतरण कैसे होता है?
A
जीवित कोशिकाओं के जीवद्रव्य के अपघटन द्वारा
B
टायलोस (Tyloses) के निर्माण द्वारा
C
रेजिन,तेल,गोंद आदि के निक्षेपण द्वारा
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) रस काष्ठ का हृदय काष्ठ में रूपांतरण कई शारीरिक और संरचनात्मक परिवर्तनों के माध्यम से होता है:
$1$. रस काष्ठ में मौजूद जीवित कोशिकाएं (मृदूतक) जीर्ण हो जाती हैं और उनके जीवद्रव्य का अपघटन हो जाता है।
$2$. जाइलम वाहिकाएं टायलोस के निर्माण द्वारा अवरुद्ध हो जाती हैं,जो आस-पास की मृदूतक कोशिकाओं से निकलने वाले गुब्बारे जैसी संरचनाएं होती हैं।
$3$. पुराने जाइलम तत्वों में रेजिन,तेल,गोंद,टैनिन और सुगंधित यौगिक जैसे विभिन्न कार्बनिक पदार्थ जमा हो जाते हैं,जिससे वे गहरे,कठोर और सड़न के प्रति प्रतिरोधी बन जाते हैं।
अतः,उपरोक्त सभी प्रक्रियाएं हृदय काष्ठ के निर्माण में योगदान करती हैं।
189
MediumMCQ
एक लकड़ी के व्यापारी ने अपने ग्राहक को बताया कि वह जो लकड़ी का लट्ठा खरीद रहा है,वह $20$ साल पुराने पेड़ का है। उसने यह कैसे बताया?
A
लट्ठे का व्यास
B
हार्टवुड की मोटाई
C
कॉर्क परतों की संख्या
D
वार्षिक वलय (Annual rings)

Solution

(D) सही उत्तर $D$ है। समशीतोष्ण क्षेत्रों में,जलवायु परिस्थितियाँ पूरे वर्ष एक समान नहीं होती हैं। इसके कारण पेड़ों के द्वितीयक जाइलम (secondary xylem) में स्पष्ट वार्षिक वलय बनते हैं।
प्रत्येक वार्षिक वलय दो प्रकार की लकड़ी से बना होता है: प्रारंभिक लकड़ी (वसंत लकड़ी) और देर से बनने वाली लकड़ी (पतझड़ लकड़ी)।
एक वार्षिक वलय विकास के एक वर्ष का प्रतिनिधित्व करता है।
तने के अनुप्रस्थ काट (cross-section) में इन वार्षिक वलयों की संख्या गिनकर,पेड़ की आयु का सटीक निर्धारण किया जा सकता है।
इसलिए,व्यापारी ने पेड़ की आयु $20$ वर्ष होने का अनुमान लगाने के लिए वार्षिक वलयों की गणना की।
190
MediumMCQ
परिडर्म (Periderm) का बाहरी भाग .......... होता है।
A
अधिचर्म (Epidermis)
B
कॉर्क (Phellem)
C
द्वितीयक वल्कुट (Phelloderm)
D
वातरंध्र (Lenticels)

Solution

(B) परिडर्म तीन घटकों से बना होता है: कागजन (Phellogen),काग (Phellem),और काग-अस्तर (Phelloderm)।
$1$. कागजन एक विभाज्योतक परत है।
$2$. काग (Phellem) का निर्माण कागजन के बाहरी तरफ होता है।
$3$. काग-अस्तर (Phelloderm) का निर्माण कागजन के अंदरूनी तरफ होता है।
अतः,परिडर्म का बाहरी भाग काग (Phellem) होता है।
191
MediumMCQ
पादपों में वार्षिक वलय (annual rings) क्या दर्शाते हैं?
A
प्राथमिक जाइलम
B
द्वितीयक जाइलम
C
द्वितीयक फ्लोएम
D
एधा (कैम्बियम)

Solution

(B) वार्षिक वलय वर्ष के विभिन्न मौसमों के दौरान संवहनी एधा की भिन्न गतिविधि के कारण बनते हैं।
शीतोष्ण क्षेत्रों में,एधा वसंत ऋतु में अधिक सक्रिय और सर्दियों में कम सक्रिय होती है।
इसके परिणामस्वरूप दो प्रकार की लकड़ी का निर्माण होता है: वसंत काष्ठ (प्रारंभिक काष्ठ) और शरद काष्ठ (पश्च काष्ठ)।
ये दोनों परतें मिलकर एक वार्षिक वलय बनाती हैं,जो मुख्य रूप से द्वितीयक जाइलम से बनी होती है।
इसलिए,वार्षिक वलय एक वर्ष में उत्पादित द्वितीयक जाइलम को दर्शाते हैं।
192
MediumMCQ
फेलोजेन (phellogen),फेलम (phellem) और फेलोडर्म (phelloderm) के समूह को .......... कहा जाता है।
A
अधिचर्म (Epidermis)
B
कॉर्क कैम्बियम (Phellogen)
C
परिचर्म (Periderm)
D
कॉर्क (Cork)

Solution

(C) द्विबीजपत्री तनों में द्वितीयक वृद्धि के दौरान,वल्कुट (cortex) की कोशिकाएं विविधीकरण (dedifferentiation) द्वारा एक विभज्योतक ऊतक बनाती हैं जिसे फेलोजेन (कॉर्क कैम्बियम) कहा जाता है।
यह फेलोजेन दोनों तरफ कोशिकाओं को काटता है।
बाहर की ओर बनने वाली कोशिकाएं फेलम (कॉर्क) में विभेदित होती हैं,जबकि अंदर की ओर बनने वाली कोशिकाएं फेलोडर्म (द्वितीयक वल्कुट) में विभेदित होती हैं।
फेलोजेन,फेलम और फेलोडर्म को सामूहिक रूप से परिचर्म (periderm) कहा जाता है।
193
MediumMCQ
द्वितीयक वृद्धि के बाद तने में प्राथमिक फ्लोएम (अन्नवाह) का क्या होता है?
A
यह बाहर की ओर दबकर विघटित हो जाता है।
B
यह अंदर की ओर दबकर विघटित हो जाता है।
C
यह द्वितीयक जाइलम (दारु) का हिस्सा बन जाता है।
D
यह दृढ़ोतक ऊतक में परिवर्तित हो जाता है।

Solution

(A) द्विबीजपत्री तनों में द्वितीयक वृद्धि के दौरान,संवहनी एधा (vascular cambium) सक्रिय हो जाती है और अंदर की ओर द्वितीयक जाइलम तथा बाहर की ओर द्वितीयक फ्लोएम का निर्माण करती है। जैसे-जैसे द्वितीयक जाइलम की मात्रा बढ़ती है,यह प्राथमिक फ्लोएम पर दबाव डालता है। परिणामस्वरूप,प्राथमिक फ्लोएम दब जाता है और तने के बाहर की ओर धीरे-धीरे विघटित हो जाता है।
194
MediumMCQ
आंतरिक छाल (inner bark) मुख्य रूप से किसकी बनी होती है?
A
द्वितीयक जाइलम
B
द्वितीयक फ्लोएम
C
कॉर्क (Phellem)
D
कॉर्क एधा (Phellogen)

Solution

(B) 'छाल' (Bark) एक गैर-तकनीकी शब्द है जो संवहनी एधा (vascular cambium) के बाहर के सभी ऊतकों को संदर्भित करता है।
छाल में द्वितीयक फ्लोएम और परित्वक (कॉर्क,कॉर्क एधा और कॉर्क एधा के अंदर की परत) शामिल होते हैं।
'आंतरिक छाल' विशेष रूप से जीवित द्वितीयक फ्लोएम को संदर्भित करती है,जबकि 'बाहरी छाल' मृत ऊतकों जैसे कॉर्क (phellem) से बनी होती है।
इसलिए,आंतरिक छाल मुख्य रूप से द्वितीयक फ्लोएम से बनी होती है।
195
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक संवहनी किरण प्रारंभिकों (ray initials) से उत्पन्न होता है?
A
वाहिनिकाएं और वाहिकाएं
B
चालनी नलिकाएं और सहकोशिकाएं
C
जाइलम और फ्लोएम तंतु
D
मृदूतक कोशिकाओं की अरीय पंक्तियाँ

Solution

(D) द्वितीयक वृद्धि में,संवहनी एधा दो प्रकार के प्रारंभिकों से बनी होती है: तर्कुरूपी प्रारंभिक (fusiform initials) और किरण प्रारंभिक (ray initials)।
तर्कुरूपी प्रारंभिक अक्षीय प्रणाली (वाहिनिकाएं,वाहिकाएं,जाइलम तंतु और फ्लोएम तत्व) को जन्म देते हैं।
किरण प्रारंभिक अरीय प्रणाली को जन्म देते हैं,जिसमें मृदूतक कोशिकाओं की अरीय पंक्तियाँ होती हैं जिन्हें संवहनी किरणें (जाइलम या फ्लोएम किरणें) कहा जाता है।
196
MediumMCQ
मरुस्थलीय क्षेत्रों के वृक्ष .......
A
जाइलम और स्क्लेरेन्काइमा के वैकल्पिक वलय दर्शाते हैं।
B
स्पष्ट वार्षिक वलय दर्शाते हैं।
C
स्पष्ट वार्षिक वलय नहीं दर्शाते हैं।
D
केवल एधा (कैम्बियम) की सक्रियता से उत्पन्न संवहनी ऊतक फ्लोएम रखते हैं।

Solution

(C) शीतोष्ण क्षेत्रों में,पूरे वर्ष जलवायु परिस्थितियाँ समान नहीं होती हैं,जिसके कारण एधा (कैम्बियम) की विभेदित सक्रियता के कारण स्पष्ट वार्षिक वलय बनते हैं। हालाँकि,मरुस्थलीय या उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में,जलवायु परिस्थितियाँ पूरे वर्ष अपेक्षाकृत स्थिर रहती हैं। परिणामस्वरूप,एधा लगभग समान रूप से सक्रिय रहता है और यह स्पष्ट वार्षिक वलय उत्पन्न नहीं करता है। इसलिए,मरुस्थलीय क्षेत्रों के वृक्ष स्पष्ट वार्षिक वलय नहीं दर्शाते हैं।
197
MediumMCQ
वार्षिक वलय .........से मिलकर बनता है।
A
पूर्वकाष्ठ + पश्चकाष्ठ
B
अंतःकाष्ठ
C
रसकाष्ठ
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) वार्षिक वलय समशीतोष्ण क्षेत्रों में संवहनी एधा (vascular cambium) की सक्रियता द्वारा बनता है।
इसमें एक वर्ष में उत्पन्न द्वितीयक जाइलम के दो अलग-अलग क्षेत्र शामिल होते हैं:
$1$. पूर्वकाष्ठ (वसंत काष्ठ): यह वसंत ऋतु के दौरान बनता है,इसमें वाहिकाएं चौड़ी और कोशिका भित्ति पतली होती है।
$2$. पश्चकाष्ठ (शरद काष्ठ): यह शरद ऋतु के दौरान बनता है,इसमें वाहिकाएं संकरी और कोशिका भित्ति मोटी होती है।
ये दोनों परतें मिलकर एक वर्ष की वृद्धि को दर्शाती हैं,जिसे वार्षिक वलय कहा जाता है।
198
MediumMCQ
........ की सक्रियता के कारण तने की मोटाई में वृद्धि होती है।
A
एधा (Cambium)
B
जाइलम
C
फ्लोएम
D
प्ररोह शीर्ष

Solution

(A) तने की मोटाई या घेरे में होने वाली वृद्धि को द्वितीयक वृद्धि कहा जाता है।
द्वितीयक वृद्धि मुख्य रूप से पार्श्व विभज्योतक (lateral meristems) की सक्रियता के कारण होती है,जिसमें विशेष रूप से संवहनी एधा (vascular cambium) और कॉर्क एधा शामिल हैं।
दिए गए विकल्पों में से,एधा द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम के उत्पादन के लिए जिम्मेदार है,जिससे तने के व्यास में वृद्धि होती है।
अतः,सही उत्तर $A$ है।
199
MediumMCQ
रसकाष्ठ (Sapwood) मध्यकाष्ठ (Heartwood) से किस मामले में भिन्न है?
A
गहरे और अचालक
B
नरम और अचालक
C
हल्के और संवाहक
D
सख्त,गहरे और मंद संवाहक

Solution

(C) रसकाष्ठ (Sapwood) द्वितीयक जाइलम का परिधीय और हल्के रंग का भाग है जो जड़ों से पत्तियों तक जल और खनिजों के संवहन में शामिल होता है।
इसके विपरीत,मध्यकाष्ठ (Heartwood) द्वितीयक जाइलम का केंद्रीय,गहरा और सख्त भाग है,जो टैनिन,रेजिन,तेल और गोंद जैसे कार्बनिक यौगिकों के जमाव के कारण संवहन के लिए अचालक हो जाता है।
इसलिए,रसकाष्ठ रंग में हल्का और संवाहक होता है,जबकि मध्यकाष्ठ गहरा और अचालक होता है।
200
MediumMCQ
$Heartwood$ (हृदयकाष्ठ) क्या है?
A
द्वितीयक जाइलम का आंतरिक भाग
B
द्वितीयक जाइलम का बाहरी भाग
C
दोनों
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) पुराने वृक्षों में,द्वितीयक जाइलम दो क्षेत्रों में विभेदित होता है: $Heartwood$ (हृदयकाष्ठ) और $Sapwood$ (रसकाष्ठ)।
$Heartwood$ द्वितीयक जाइलम का केंद्रीय या आंतरिक भाग होता है।
तने के केंद्रीय या सबसे भीतरी परतों में टैनिन,रेजिन,तेल,गोंद,सुगंधित पदार्थों और आवश्यक तेलों जैसे कार्बनिक यौगिकों के जमा होने के कारण यह गहरे रंग का होता है।
ये पदार्थ इसे कठोर,टिकाऊ और सूक्ष्मजीवों तथा कीटों के हमलों के प्रति प्रतिरोधी बनाते हैं।
यह पानी का संचालन नहीं करता है लेकिन तने को यांत्रिक सहायता प्रदान करता है।

Anatomy of Flowering Plants — Secondary growth · Frequently Asked Questions

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