समझाइए: एल्कोक्सीबेन्जीन में एल्कोक्सी समूह ऑर्थो-पैरा निर्देशक है,लेकिन इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया मुख्य रूप से पैरा-स्थान पर और कम मात्रा में ऑर्थो-स्थान पर क्यों होती है?

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(N/A) $(i)$ एल्कोक्सी समूह अपने इलेक्ट्रॉन-आकर्षक प्रेरणिक प्रभाव $(-I)$ के कारण ऑर्थो-स्थान पर इलेक्ट्रॉन घनत्व को कम कर देता है।
$(ii)$ एल्कोक्सी समूह का त्रिविम बाधा (steric hindrance) प्रभाव इलेक्ट्रोफाइल को ऑर्थो-स्थान तक पहुँचने में बाधा उत्पन्न करता है। इन दो कारणों से,इलेक्ट्रोफिलिक अभिकर्मक मुख्य रूप से पैरा-स्थान पर जुड़ता है।
$(iii)$ ब्रोमीनीकरण,नाइट्रीकरण और फ्रीडल-क्राफ्ट अभिक्रियाओं में मुख्य उत्पाद $p-$प्रतिस्थापित होता है और ऑर्थो-प्रतिस्थापित उत्पाद अल्प मात्रा में प्राप्त होता है।

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