एक समतल-उत्तल लेंस $(f=20 \,cm)$ की समतल सतह पर पॉलिश (सिल्वरिंग) की गई है। अब इसकी नई फोकस दूरी क्या होगी ($\,cm$ में)?

  • A
    $20$
  • B
    $40$
  • C
    $30$
  • D
    $10$

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$1.5$ अपवर्तनांक वाले कांच से बने एक पतले समतल-उत्तल लेंस को $1.2$ अपवर्तनांक वाले द्रव में डुबोया जाता है। जब लेंस की समतल सतह पर पूर्ण परावर्तन के लिए चांदी की परत चढ़ाई जाती है,तो द्रव में डूबा हुआ लेंस $0.2 \ m$ फोकस दूरी वाले अवतल दर्पण की तरह व्यवहार करता है। लेंस की वक्र सतह की वक्रता त्रिज्या क्या है ($m$ में)?

$f$ फोकस दूरी वाले समतल-उत्तल लेंस की समतल सतह को रजतित (silvered) किया जाता है। यह किस प्रकार व्यवहार करेगा?

एक उभयोत्तल (biconvex) लेंस की दोनों सतहों की वक्रता त्रिज्या समान है। यह लेंस $1.5$ अपवर्तनांक वाले कांच से बना है और हवा में इसकी फोकस दूरी $10 \ cm$ है। लेंस को उसके मुख्य अक्ष के लंबवत एक तल के अनुदिश दो बराबर हिस्सों में काटा जाता है, जिससे दो समतलोत्तल (plano-convex) लेंस प्राप्त होते हैं। इन दो टुकड़ों को इस प्रकार जोड़ा जाता है कि उत्तल सतहें एक-दूसरे को स्पर्श करें। यदि इस संयुक्त लेंस को पानी (अपवर्तनांक $= 4/3$) में डुबोया जाता है, तो इसकी फोकस दूरी ($cm$ में) क्या होगी?

$15 \,cm$ फोकस दूरी वाला एक द्वि-उत्तल लेंस एक समतल दर्पण के सामने रखा गया है। लेंस और दर्पण के बीच की दूरी $10 \,cm$ है। एक छोटी वस्तु को लेंस से $30 \,cm$ की दूरी पर रखा गया है। अंतिम प्रतिबिंब है

$1.5$ अपवर्तनांक वाले पदार्थ से बने $20 \,cm$ फोकस दूरी के उत्तल लेंस के सामने $0.1 \,m$ की दूरी पर एक वस्तु रखी गई है। लेंस की वस्तु से दूर वाली सतह पर चांदी की परत चढ़ाई गई है। यदि चांदी वाली सतह की वक्रता त्रिज्या $22 \,cm$ है,तो चांदी वाली सतह से अंतिम प्रतिबिंब की दूरी क्या होगी ($\,cm$ में)?

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