(N/A) दिए गए आरेख को देखें।
$(b)$ अंगों की भूमिका:
- यकृत: यह पित्त रस (bile juice) का उत्पादन करता है, जो पित्ताशय में जमा होता है। पित्त लवण वसा के पायसीकरण (emulsification) में मदद करते हैं, जो वसा की बड़ी गोलिकाओं को छोटी गोलिकाओं में तोड़ते हैं ताकि एंजाइम की क्रियाशीलता बढ़ सके।
- अग्न्याशय: यह अग्न्याशय रस (pancreatic juice) स्रावित करता है जिसमें ट्रिप्सिन (प्रोटीन पाचन के लिए), लाइपेज (वसा पाचन के लिए) और एमाइलेज (कार्बोहाइड्रेट पाचन के लिए) जैसे एंजाइम होते हैं।
$(c)$ कार्य करने वाले अंग:
$(i)$ छोटी आंत: छोटी आंत की आंतरिक परत में उंगली जैसी अनेक संरचनाएं होती हैं जिन्हें विली (villi) कहते हैं, जो पचे हुए भोजन के अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाती हैं।
(ii) बड़ी आंत: बड़ी आंत का मुख्य कार्य अपचित भोजन सामग्री से जल और लवणों का अवशोषण करना है।