बफर विलयन की स्थिर अम्लता और क्षारीयता ........ के कारण होती है।

  • A
    मिलाए गए अम्ल और क्षार अनआयनित रूप में रहते हैं।
  • B
    इसमें मौजूद अम्ल और क्षार अन्य आयनों से रक्षा करते हैं।
  • C
    इसमें बहुत बड़ी मात्रा में आयन होते हैं।
  • D
    इसका एक विशिष्ट मान होता है।

Explore More

Similar Questions

$pH = 3$ ($HCN$ के लिए $pK_a = 6$) का मिश्रण बनाने के लिए $200 \, mL$ $0.1 \, M$ $HCN$ के साथ $0.2 \, M$ $KCN$ के कितने $mL$ मिलाए जाने चाहिए?

Difficult
View Solution

$100 \ mL$ जलीय विलयन में $2 \ g$ एसिटिक एसिड और $3 \ g$ सोडियम एसीटेट मौजूद हैं। यदि एसिटिक एसिड का आयनीकरण स्थिरांक $1.8 \times 10^{-5}$ है,तो विलयन का $pH$ क्या होगा?

कथन : $CH_3COOH$ और $CH_3COONH_4$ का मिश्रण अम्लीय बफर का एक उदाहरण है।
कारण : अम्लीय बफर में एक दुर्बल अम्ल और दुर्बल क्षार के साथ उसके लवण का सममोलर मिश्रण होता है।

निम्नलिखित में से कौन सा एक बफर विलयन है?

$NH_4Cl$ और $NH_4OH$ को मिलाकर $pH = 9$ वाला एक बफर विलयन तैयार करना है। $1.0 \ M \ NH_4OH$ के एक लीटर में मिलाए जाने वाले $NH_4Cl$ के मोलों की संख्या की गणना करें। $[K_b = 1.8 \times 10^{-5}]$

Difficult
View Solution

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo