एक धातु की सतह का कार्य फलन $1.6 \times 10^{-19} \text{ J}$ है। जब इस सतह पर $6400 \ \mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश आपतित होता है,तो उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा ....... $\text{J}$ है।

  • A
    $1.4 \times 10^{-19}$
  • B
    $2.8 \times 10^{-19}$
  • C
    $0.14 \times 10^{-19}$
  • D
    $1.5 \times 10^{-19}$

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$v_1$ की आपतित विकिरण आवृत्ति पर,जो देहली आवृत्ति से अधिक है,एक निश्चित धातु के लिए निरोधी विभव (stopping potential) $V_1$ है। $2 v_1$ आवृत्ति पर निरोधी विभव $3 V_1$ है। यदि $4 v_1$ आवृत्ति पर निरोधी विभव $n V_1$ है,तो $n$ का मान ज्ञात कीजिए।

समान तीव्रता वाले दो एकवर्णी प्रकाश पुंज $A$ और $B$ एक धात्विक सतह पर प्रति इकाई क्षेत्रफल लंबवत आपतित होते हैं। उनकी तरंगदैर्ध्य क्रमशः $\lambda_A$ और $\lambda_B$ है। आपतित प्रकाश फोटो-इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करने में प्रभावी है। पुंज $A$ और $B$ द्वारा उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की संख्या का अनुपात क्या है?

थ्रेशोल्ड तरंगदैर्ध्य से कम तरंगदैर्ध्य '$\lambda$' का प्रकाश एक प्रकाश-संवेदी (photosensitive) पदार्थ पर आपतित होता है। यदि आपतित तरंगदैर्ध्य को कम किया जाता है ताकि उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन कुछ वेग के साथ गति करें, तो निरोधी विभव (stopping potential):

एक धातु का कार्य-फलन (work-function) $1 eV$ है। $3000 \text{Å}$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश इस धातु की सतह पर आपतित होता है। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन का वेग क्या होगा?

जब एक धातु की सतह को $\lambda$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव (stopping potential) $V$ है। जब उसी सतह को $2\lambda$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव $V/3$ है। सतह के लिए देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) क्या है?

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