$v_1$ की आपतित विकिरण आवृत्ति पर,जो देहली आवृत्ति से अधिक है,एक निश्चित धातु के लिए निरोधी विभव (stopping potential) $V_1$ है। $2 v_1$ आवृत्ति पर निरोधी विभव $3 V_1$ है। यदि $4 v_1$ आवृत्ति पर निरोधी विभव $n V_1$ है,तो $n$ का मान ज्ञात कीजिए।

  • A
    $2$
  • B
    $3$
  • C
    $6$
  • D
    $7$

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$1.07 eV$ कार्य फलन वाली एक धातु की सतह को $332 nm$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से विकिरणित किया जाता है। फोटो-इलेक्ट्रॉनों के उत्सर्जन को रोकने के लिए आवश्यक मंदक विभव (retarding potential) .............. $V$ है।

प्रकाश-विद्युत प्रभाव के एक प्रयोग में,निरोधी विभव (stopping potential) $V$ और तरंगदैर्ध्य के व्युत्क्रम $(1/\lambda)$ के बीच का ग्राफ चित्र में दिखाया गया है। जैसे-जैसे आपतित विकिरण की तीव्रता बढ़ाई जाती है:

सोडियम और तांबे के कार्य फलन (work functions) क्रमशः $2.3 \ eV$ और $4.5 \ eV$ हैं। तो उनकी देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelengths) का अनुपात किसके निकटतम है?

$1.6 \times 10^{15} \ Hz$ की देहली आवृत्ति और $8 \ eV$ ऊर्जा वाला एक फोटॉन धातु की सतह पर आपतित होता है,तो उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा .......... $eV$ है। (दिया है: $h = 6.6 \times 10^{-34} \ Js, 1 \ eV = 1.6 \times 10^{-19} \ J$)

$5\, eV$ ऊर्जा वाले फोटॉन एक फोटोइलेक्ट्रिक सेल में कैथोड $C$ पर आपतित होते हैं। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम ऊर्जा $2\, eV$ है। जब $6\, eV$ ऊर्जा वाले फोटॉन $C$ पर आपतित होते हैं,तो कोई भी फोटोइलेक्ट्रॉन एनोड $A$ तक नहीं पहुँचेगा,यदि $C$ के सापेक्ष $A$ का निरोधी विभव (stopping potential) ............ $V$ हो।

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