एक धातु की सतह पर उसके कार्य फलन से तीन गुना और नौ गुना ऊर्जा वाले दो फोटॉन आपतित होते हैं। दोनों स्थितियों में उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों के अधिकतम वेग का अनुपात क्या होगा?

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एक प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन प्रक्रिया के लिए निरोधी विभव (stopping potential) $10 \ V$ है। इस प्रक्रिया में उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या है? [इलेक्ट्रॉन पर आवेश $e = 1.6 \times 10^{-19} \ C$]

एक उत्सर्जक सतह पर आपतित एकवर्णी प्रकाश की आवृत्ति $f$ है। यदि सतह के लिए देहली आवृत्ति (threshold frequency) $f_0$ है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा ....... है।

प्रकाश की अधिकतम तरंगदैर्ध्य जो एक प्रकाश-संवेदी धातु की सतह से प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन का कारण बनती है,$\lambda_0$ है। $\frac{\lambda_0}{3}$ और $\frac{\lambda_0}{9}$ तरंगदैर्ध्य के दो प्रकाश पुंज धातु की सतह पर आपतित होते हैं। उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों के अधिकतम वेगों का अनुपात क्या है?

जब एक प्रकाश-संवेदी सतह पर $\lambda_{1}$ और $\lambda_{2}$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश आपतित होता है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा क्रमशः $E_{1}$ और $E_{2}$ है। प्रकाश-संवेदी सतह का कार्य फलन (work function) क्या है?

टंगस्टन और सोडियम के कार्य फलन क्रमशः $5.06 \ eV$ और $2.53 \ eV$ हैं। यदि सोडियम के लिए देहली तरंगदैर्ध्य $5896 \ \mathring{A}$ है,तो टंगस्टन के लिए देहली तरंगदैर्ध्य .......... $\mathring{A}$ होगी।

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