$C$ और $Si$ दोनों की जालक संरचना समान है; प्रत्येक में $4$ बंधन इलेक्ट्रॉन होते हैं। हालाँकि,$C$ एक कुचालक है जबकि $Si$ एक नैज अर्धचालक है। इसका कारण यह है कि:

  • A
    $C$ के मामले में परम शून्य तापमान पर संयोजी बैंड पूरी तरह से भरा नहीं होता है।
  • B
    $C$ के मामले में परम शून्य तापमान पर भी चालन बैंड आंशिक रूप से भरा होता है।
  • C
    $C$ के मामले में चार बंधन इलेक्ट्रॉन दूसरी कक्षा में स्थित होते हैं,जबकि $Si$ के मामले में वे तीसरी कक्षा में स्थित होते हैं।
  • D
    $C$ के मामले में चार बंधन इलेक्ट्रॉन तीसरी कक्षा में स्थित होते हैं,जबकि $Si$ के मामले में वे चौथी कक्षा में स्थित होते हैं।

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तांबे का एक टुकड़ा और जर्मेनियम का दूसरा टुकड़ा कमरे के तापमान से $80\, K$ तक ठंडा किया जाता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

हीरे, सिलिकॉन और जर्मेनियम के लिए वैलेंस बैंड और कंडक्शन बैंड के बीच ऊर्जा अंतराल $(E_g)$ का क्रम क्या है?

कथन: यदि किसी अर्धचालक का तापमान बढ़ाया जाता है,तो उसका प्रतिरोध घट जाता है।
कारण: चालन बैंड (conduction band) और संयोजी बैंड (valence band) के बीच ऊर्जा अंतराल बहुत छोटा होता है।

तीन अर्धचालकों को उनके ऊर्जा अंतराल (energy gap) के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया गया है। सही व्यवस्था है:

एक निश्चित तापमान पर एक आंतरिक अर्धचालक (intrinsic semiconductor) के चालन बैंड (conduction band) में इलेक्ट्रॉनों के पाए जाने की प्रायिकता:

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