एक अनंत लंबाई के,सीधे,पतली दीवार वाले पाइप की लंबाई के अनुदिश $I$ धारा प्रवाहित हो रही है। तब:

  • A
    पाइप के अंदर अलग-अलग बिंदुओं पर चुंबकीय क्षेत्र अलग-अलग होता है
  • B
    पाइप के अंदर किसी भी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र शून्य होता है
  • C
    पाइप के अंदर सभी बिंदुओं पर चुंबकीय क्षेत्र समान होता है,लेकिन शून्य नहीं
  • D
    चुंबकीय क्षेत्र केवल पाइप की अक्ष पर शून्य होता है

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एम्पीयर का नियम किस प्रकार की धारा के लिए सत्य है?

$0.25 \ m$ लंबाई वाले एक परिनालिका (solenoid) की त्रिज्या $1 \ cm$ है और इसमें $500$ फेरे हैं। इसमें $2.5 \ A$ की धारा प्रवाहित हो रही है। परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण क्या है? ($\mu_0 = 4 \pi \times 10^{-7} \ SI$ मात्रक लें)।

कथन : यदि एक परिनालिका (solenoid) में धारा की दिशा को उलट दिया जाए जबकि उसका परिमाण समान रखा जाए,तो परिनालिका में संचित चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा घट जाती है।
कारण : चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा घनत्व धारा के वर्ग के समानुपाती होता है।

एक लंबी परिनालिका (solenoid) जिसमें विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है,अपनी अक्ष पर $B$ चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। यदि प्रति सेमी फेरों की संख्या तीन गुनी कर दी जाए और धारा को $\left(\frac{1}{4}\right)^{th}$ कर दिया जाए,तो चुंबकीय क्षेत्र का नया मान क्या होगा?

एम्पीरियन लूप (Amperian loop) क्या है?

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