प्रकाश के एक एकवर्णी बिंदु स्रोत को धातु की सतह से $d$ दूरी पर रखा गया है। फोटोइलेक्ट्रॉन $n$ प्रति सेकंड की दर से उत्सर्जित होते हैं और उनकी अधिकतम गतिज ऊर्जा $E$ है। यदि स्रोत को करीब लाकर $d / 2$ दूरी पर रखा जाए,तो फोटोइलेक्ट्रॉन के उत्सर्जन की दर और अधिकतम गतिज ऊर्जा लगभग कितनी होगी?

  • A
    $2 n$ और $2 E$
  • B
    $4 n$ और $4 E$
  • C
    $4 n$ और $E$
  • D
    $n$ और $4 E$

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एक प्रकाश-विद्युत प्रयोग में,धातु पर आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $300\, nm$ से बदलकर $400\, nm$ कर दी जाती है। निरोधी विभव (stopping potential) में कमी लगभग ................ $V$ है $\left( \frac{hc}{e} = 1240\, nm \cdot V \right)$

एक निश्चित धातु से देहली आवृत्ति $v$ पर प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन होता है। यदि $4v$ आवृत्ति का विकिरण धातु की प्लेट पर आपतित होता है,तो उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम वेग क्या होगा? ($m=$ प्रकाश-इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान,$h=$ प्लांक नियतांक)

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