हाइड्रोजन परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन पर विचार करें,जो अपनी दूसरी उत्तेजित अवस्था (त्रिज्या $4.65 \, \mathring{A}$) में परिक्रमा कर रहा है। इस इलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य .... $\mathring{A}$ है।

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एक विशिष्ट हाइड्रोजन-समान आयन जब $n=3$ से $n=1$ में संक्रमण करता है,तो $2.92 \times 10^{15} \text{ Hz}$ आवृत्ति का विकिरण उत्सर्जित करता है। $n=2$ से $n=1$ में संक्रमण के दौरान उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति $\text{Hz}$ में क्या होगी? ($\times 10^{15}$ में)

कथन : बोर को यह अभिधारणा (postulate) देनी पड़ी कि नाभिक के चारों ओर स्थिर कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन विकिरण उत्सर्जित नहीं करते हैं।
कारण : चिरसम्मत भौतिकी (classical physics) के अनुसार सभी गतिशील इलेक्ट्रॉन विकिरण उत्सर्जित करते हैं।

यदि एक हाइड्रोजन-समान परमाणु का प्रथम उत्तेजन विभव $V \, \text{volt}$ है, तो इस परमाणु की आयनन ऊर्जा क्या होगी?

हाइड्रोजन परमाणु के लिए इलेक्ट्रॉन की कक्षीय त्रिज्या और वेग के बीच संबंध बताइए।

बोर परमाणु की $n^{th}$ कक्षा में एक इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा और कोणीय संवेग का परिमाण क्रमशः $E_{n}$ और $L_{n}$ द्वारा दर्शाया गया है। तो

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