इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी (इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप) के लिए,निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

  • A
    यह इलेक्ट्रॉन बीम को अभिसरित करने के लिए चुंबकीय लेंस का उपयोग करता है
  • B
    इसकी विभेदन क्षमता (resolving power) इलेक्ट्रॉनों के त्वरित विभव (accelerating potential) के सीधे समानुपाती होती है
  • C
    इसकी विभेदन क्षमता इलेक्ट्रॉनों की तरंगदैर्ध्य के व्युत्क्रमानुपाती होती है
  • D
    इसकी सहायता से प्राप्त आवर्धन (magnification) $10^6$ की कोटि का होता है

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एक कण एक इलेक्ट्रॉन की तुलना में $5$ गुना तेज गति कर रहा है। कण की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य और इलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य का अनुपात $1.878 \times 10^{-4}$ है। कण का द्रव्यमान लगभग कितना है?

$8 \mu g$ द्रव्यमान का एक गतिशील कण $4 \mu g$ द्रव्यमान के एक स्थिर कण से टकराता है। यदि टक्कर पूर्णतः प्रत्यास्थ और एकविमीय है, तो टक्कर के बाद उनकी डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य का अनुपात क्या होगा ($2 : 1$ में)?

वह ग्राफ जो किसी कण की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य $(\lambda)$ और उसके संबंधित संवेग $(p)$ के परिवर्तन को दर्शाता है,वह है

यदि इलेक्ट्रॉन का वेग बढ़ता है,तो उसकी डी ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य में क्या परिवर्तन होगा?

कमरे के तापमान $(300 \ K)$ पर एक गैस के अणु की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य $\lambda_1$ है। यदि गैस का तापमान बढ़ाकर $600 \ K$ कर दिया जाए,तो उसी गैस के अणु की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य $..............$ हो जाएगी।

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