प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) में,यदि प्रकाश की तीव्रता (intensity) को दोगुना कर दिया जाए,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा (maximum kinetic energy) कितनी हो जाएगी?

  • A
    दोगुनी
  • B
    आधी
  • C
    चार गुनी
  • D
    कोई परिवर्तन नहीं

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प्रकाश-विद्युत प्रभाव (Photoelectric effect) को किसके द्वारा समझाया जा सकता है?

धातु के कार्य फलन (work function) से दोगुनी और पांच गुनी ऊर्जा वाले दो फोटॉन क्रमिक रूप से धातु की सतह पर आपतित होते हैं। इन दो स्थितियों में उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन के अधिकतम वेग का अनुपात क्या होगा?

$9 \ eV$ कार्य फलन वाली धातु में प्रकाश वैद्युत प्रभाव उत्पन्न करने के लिए आवश्यक प्रकाश की अधिकतम तरंगदैर्ध्य क्या है?

एक धातु की सतह से प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन के लिए देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) $5200 \ \mathring A$ है। निम्नलिखित में से कौन सा स्रोत इस सतह से प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन का कारण बनेगा?

यदि हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन तीसरी बोहर कक्षा से सीधे मूल अवस्था (ground state) में कूदता है और दोनों अवस्थाओं की ऊर्जाओं के बीच का अंतर फोटॉन के रूप में विकीर्ण होता है। यदि पदार्थ का कार्य फलन (work function) $4.1 \text{ eV}$ है, तो निरोधी विभव (stopping potential) लगभग कितना होगा ($\text{ V}$ में)?
$\left[n^{\text{वीं}} \text{ कक्षा में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा} = \frac{-13.6}{n^2} \text{ eV}\right]$

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