सिद्ध कीजिए कि निम्नलिखित अभिक्रियाएँ रेडॉक्स अभिक्रियाएँ हैं:
$(a) \ CuO_{(s)} + H_{2(g)} \to Cu_{(s)} + H_2O_{(g)}$
$(b) \ Fe_2O_{3(s)} + 3CO_{(g)} \to 2Fe_{(s)} + 3CO_{2(g)}$
$(c) \ 4BCl_{3(g)} + 3LiAlH_{4(s)} \to 2B_2H_{6(g)} + 3LiCl_{(s)} + 3AlCl_{3(s)}$
$(d) \ 2K_{(s)} + F_{2(g)} \to 2K^+F^-_{(s)}$
$(e) \ 4NH_{3(g)} + 5O_{2(g)} \to 4NO_{(g)} + 6H_2O_{(g)}$

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(A) $(a) \ CuO_{(s)} + H_{2(g)} \to Cu_{(s)} + H_2O_{(g)}$
यहाँ $Cu$ की ऑक्सीकरण संख्या $+2$ से घटकर $0$ हो जाती है (अपचयन) और $H$ की ऑक्सीकरण संख्या $0$ से बढ़कर $+1$ हो जाती है (ऑक्सीकरण)। अतः यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है।
$(b) \ Fe_2O_{3(s)} + 3CO_{(g)} \to 2Fe_{(s)} + 3CO_{2(g)}$
यहाँ $Fe$ की ऑक्सीकरण संख्या $+3$ से घटकर $0$ हो जाती है (अपचयन) और $C$ की ऑक्सीकरण संख्या $+2$ से बढ़कर $+4$ हो जाती है (ऑक्सीकरण)। अतः यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है।
$(c) \ 4BCl_{3(g)} + 3LiAlH_{4(s)} \to 2B_2H_{6(g)} + 3LiCl_{(s)} + 3AlCl_{3(s)}$
यहाँ $B$ की ऑक्सीकरण संख्या $+3$ से घटकर $-3$ हो जाती है (अपचयन) और $H$ की ऑक्सीकरण संख्या $-1$ से बढ़कर $+1$ हो जाती है (ऑक्सीकरण)। अतः यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है।
$(d) \ 2K_{(s)} + F_{2(g)} \to 2K^+F^-_{(s)}$
यहाँ $K$ की ऑक्सीकरण संख्या $0$ से बढ़कर $+1$ हो जाती है (ऑक्सीकरण) और $F$ की ऑक्सीकरण संख्या $0$ से घटकर $-1$ हो जाती है (अपचयन)। अतः यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है।
$(e) \ 4NH_{3(g)} + 5O_{2(g)} \to 4NO_{(g)} + 6H_2O_{(g)}$
यहाँ $N$ की ऑक्सीकरण संख्या $-3$ से बढ़कर $+2$ हो जाती है (ऑक्सीकरण) और $O$ की ऑक्सीकरण संख्या $0$ से घटकर $-2$ हो जाती है (अपचयन)। अतः यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है।

Explore More

Similar Questions

निम्नलिखित अभिक्रियाओं में $X$ और $Y$ क्या हैं?
$(i) \ MnO_4^{-} + I^{-} \xrightarrow{H^{+}} X$
$(ii) \ MnO_4^{-} + I^{-} \xrightarrow{H_2O} Y$

निम्नलिखित अभिक्रिया पर विचार करें:
$MnO_2 + KOH + O_2 \rightarrow A + H_2O$
उत्पाद '$A$' उदासीन या अम्लीय माध्यम में असमानुपातन (disproportionation) द्वारा जल के साथ उत्पाद '$B$' और '$C$' देता है। '$B$' और '$C$' के स्पिन-ओनली चुंबकीय आघूर्ण मानों का योग . . . . . $BM$ है। (निकटतम पूर्णांक)
($Mn$ की परमाणु संख्या $25$ दी गई है)

एक अम्लीय विलयन जिसमें ऋणायन उपस्थित है,उसमें $KMnO_4$ विलयन की कुछ बूंदें मिलाई जाती हैं। यदि निम्नलिखित में से कौन सा उपस्थित हो,तो $KMnO_4$ विलयन के रंग में कोई परिवर्तन नहीं होगा?

अम्लीय माध्यम में एक मोल फेरस ऑक्सालेट को पूर्णतः ऑक्सीकृत करने के लिए आवश्यक $MnO_4^{-}$ के मोलों की संख्या होगी $:-$ ($mole$ में)

अम्लीय घोल में हाइड्रोजन पेरोक्साइड पर $0.5 \ N \ KMnO_4$ के $100 \ mL$ की क्रिया द्वारा $1 \ atm$ और $273 \ K$ पर मापा गया $O_{2(g)}$ का कितना आयतन बनेगा? अभिक्रिया के लिए कंकाल समीकरण है: $KMnO_4 + H_2SO_4 + H_2O_2 \to K_2SO_4 + MnSO_4 + O_2 + H_2O$.

Difficult
View Solution

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo