प्रकाश एक धातु की सतह से टकराता है जिससे प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन होता है। आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $248 \, nm$ है। यदि उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों के लिए निरोधी विभव (stopping potential) $2.8 \, eV$ है, तो धातु का कार्य फलन (work function) क्या होगा ($ \, eV$ में)? ($hc = 1240 \, eV \cdot nm$ लें)।

  • A
    $5.2$
  • B
    $4.4$
  • C
    $3.8$
  • D
    $2.2$

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Similar Questions

$600 \, nm$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश के संपर्क में आने वाली एक धातु पर विचार करें। जब $400 \, nm$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश का उपयोग किया जाता है,तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा दोगुनी हो जाती है। धातु का कार्य फलन (work function) $eV$ में ज्ञात कीजिए।

प्रकाश तरंग से जुड़े बिंदु पर विद्युत क्षेत्र $E = 200 [\sin(6 \times 10^{15} t) + \sin(9 \times 10^{15} t)] \, Vm^{-1}$ द्वारा दिया गया है। दिया गया है: $h = 4.14 \times 10^{-15} \, eVs$। यदि यह प्रकाश $2.50 \, eV$ कार्य फलन वाली धातु की सतह पर गिरता है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा ........... $eV$ होगी।

$f$ आवृत्ति का एकवर्णी प्रकाश $f_0$ देहली आवृत्ति वाले उत्सर्जक पर आपतित होता है। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा होगी

जब $\phi$ कार्य फलन वाली एक प्रकाश-संवेदी धातु पर $\nu$ आवृत्ति का प्रकाश आपतित होता है,तो उत्सर्जित सबसे अधिक ऊर्जा वाले फोटोइलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य $\lambda$ है। तब $\nu =$ (जहाँ $h$ प्लांक नियतांक है और $m$ इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान है)।

एक पदार्थ का कार्य फलन $4.0 \ eV$ है। प्रकाश की वह अधिकतम तरंगदैर्ध्य जो इस पदार्थ से फोटो-इलेक्ट्रॉन का उत्सर्जन करा सकती है,उसका अनुमानित मान ............ $nm$ है।

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