$T(K)$ तापमान पर निम्नलिखित अभिक्रियाओं का अवलोकन करें:
$I. A \rightarrow \text{products}$
$II. 5Br^{-}_{(aq)} + Br{O_{3}}^{-}_{(aq)} + 6H^{+}_{(aq)} \rightarrow 3Br_{2(aq)} + 3H_{2}O_{(l)}$
दोनों अभिक्रियाएं $10.00 \text{ am}$ पर शुरू होती हैं। $10.10 \text{ am}$ पर इन अभिक्रियाओं की दर समान है। $10.10 \text{ am}$ पर $-\frac{\Delta[Br^{-}]}{\Delta t}$ का मान $2 \times 10^{-4} \text{ mol L}^{-1} \text{ min}^{-1}$ है। $10.10 \text{ am}$ पर $A$ की सांद्रता $10^{-1} \text{ mol L}^{-1}$ है। अभिक्रिया $I$ का प्रथम कोटि का वेग स्थिरांक ($\text{min}^{-1}$ में) क्या है?

  • A
    $2 \times 10^{-3}$
  • B
    $10^{-3}$
  • C
    $10^{-2}$
  • D
    $4 \times 10^{-3}$

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$300 K$ पर, एक बृहदणु का आदर्श तनु विलयन परासरण दाब डालता है जो विलयन $($घनत्व $=1.00 g \ cm ^{-3} )$ की ऊँचाई $(h)$ के पद में व्यक्त किया गया जहाँ $h$ का मान $2.00 \ cm$ है । यदि बृहदणु के तनु विलयन की सांद्रता $2.00 g \ dm ^{-3}$ हो, तो बृहदणु के मोलर द्रव्यमान का परिकलन करने पर $X \times 10^4 g \ mol ^{-1}$ आता है। $X$ का मान $....$ है।
उपयोग करें: सार्वत्रिक गैस नियतांक $(R) =8.3 J K ^{-1} mol^{-1}$ तथा गुरुत्वीय त्वरण $(g)=10 m s ^{-2}$

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