$M$ द्रव्यमान वाले ग्रह के चारों ओर घूम रहे $m$ द्रव्यमान के उपग्रह को $R_1$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा से $R_2$ $(R_2 > R_1)$ त्रिज्या की दूसरी कक्षा में स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक अतिरिक्त गतिज ऊर्जा है:

  • A
    $GmM \left( \frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2} \right)$
  • B
    $2GmM \left( \frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2} \right)$
  • C
    $\frac{1}{2}GmM \left( \frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2} \right)$
  • D
    $GmM \left( \frac{1}{R_1^2} - \frac{1}{R_2^2} \right)$

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एक उपग्रह पृथ्वी की सतह से $400 \; km$ की ऊँचाई पर परिक्रमा कर रहा है। उपग्रह को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव से बाहर निकालने के लिए कितनी ऊर्जा खर्च करनी होगी? (उपग्रह का द्रव्यमान $= 200 \; kg$; पृथ्वी का द्रव्यमान $= 6.0 \times 10^{24} \; kg$; पृथ्वी की त्रिज्या $= 6.4 \times 10^{6} \; m$; $G = 6.67 \times 10^{-11} \; N m^{2} kg^{-2}$)

यदि $m$ द्रव्यमान का एक कण $r$ त्रिज्या के क्षैतिज वृत्त में $(-k/r^2)$ अभिकेंद्री बल के साथ गति कर रहा है,तो कुल ऊर्जा क्या होगी?

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किसी उपग्रह को $2R$ त्रिज्या वाली कक्षा से $3R$ त्रिज्या वाली कक्षा में ले जाने पर उसकी ऊर्जा में कितना परिवर्तन होगा? ($R$ = पृथ्वी की त्रिज्या)

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यदि किसी उपग्रह के परिक्रमण का आवर्तकाल $T$ है,तो उसकी गतिज ऊर्जा किसके समानुपाती होती है?

प्रारंभ में $100 \ kg$ का एक उपग्रह $1.5 R_E$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में है। इस उपग्रह को $\alpha \times 10^6 \ J$ ऊर्जा देकर $3 R_E$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में ले जाया जा सकता है। $\alpha$ का मान . . . . . . है।
(पृथ्वी की त्रिज्या $R_E = 6 \times 10^6 \ m$ और $g = 10 \ m/s^2$ लें)

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